भारतीय संस्कृति

हिंदु संस्कृती अनुसार आदर्श दिनचर्या

उदयकाल के संदर्भ में पालन करने योग्य आचार
ब्राह्ममुहूर्त पर उठने के ९ लाभ !
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेद के नियमों का पालन करें !
मनःशांति एवं निरोगी जीवन देनेवाली योगविद्या !
सूर्य नमस्कार
युवकों, समय का सुनियोजन कैसे करेंगे ?
दिनचर्या
हाथ-पैर धोना तथा कुल्ला करनेके संदर्भमें आचार
नींदसे जागनेपर भूमिवंदना क्‍यों करते है ?
हाथसे कपडे धोते समय कमरसे क्‍यों झुके ?
शौचविधि करनेसे पूर्व, जनेऊ दाहिने कानपर क्‍यों लपेटें ?
झाडू लगाते समय पूर्व दिशाकी ओर कूडा क्‍यों ना ढकेलें ?
दिन में क्यों नहीं सोना चाहिए ?
संध्या के समय देवता के समक्ष दीप क्यों जलाएं ?
ब्रशका उपयोग करनेकी अपेक्षा उंगलीसे दांत स्वच्छ क्‍यों करें ?

अन्य

कश्मीर का विविधांगी महत्त्व
कश्मीरी संस्कृति का भारतीयता !
भारतियों का अत्यंत प्रगत प्राचीन जलव्यवस्थापन तथा पाश्चात्त्यों के अंधानुकरण के कारण निर्माण हुआ जल का दुर्भिक्ष्य !
कोरोना विषाणु के कारण निर्माण हुए आपातकाल में हिन्दू धर्म के अनुसार आचरण करना जगत के लिए बंधनकारक...
हडप्पा के लोग थे द्रव-चलित अभियांत्रिकी (हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग) पारंगत !
भौतिक शास्त्र के आधुनिक वैज्ञानिकों के लिए शिवजी के नृत्य का अर्थ है ‘सबएटॉमिक’ कणों का नृत्य !
विदेश में प्राचीन हिन्दू संस्कृति के संकेतचिह्न
भारतीय संस्कृति की ‘प्रतीक पूजा’
आरनमुळा कण्णाडी अर्थात भगवानके मुखदर्शनके लिए बनाया गया विशेष दर्पण !
प्राचीन भारतीय नौकाशास्त्र में मत्स्ययंत्र के अलौकिक तंत्र
पानी की शक्ति और सकारात्मकता

गुरु एवं शिष्य

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विश्‍व का सबसे बडा धार्मिक मेला : कुम्भ मेला

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विश्व की हिन्दू संस्कृति

विदेशी व्यक्तियों का स्पर्श होने पर सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळ को अनुभव हुआ सात्त्विक स्पर्श और असात्त्विक स्पर्श...
कंबोडिया बौद्ध राष्ट्र होते हुए भी वहां का राजा नरोदोम सिंहमोनी के राजवाडे में सर्व चिह्न ‘सनातन हिन्दु...
अंकोर वाट : राजा सूर्यवर्मन (द्वितीय) द्वारा कंबोडिया में बनाया गया हिन्दुओं का संसार का सबसे विशाल मंदिर...
११ वे शतक में यशोधरपुरा के राजे उदयादित्यवर्मन (दूसरे) द्वारा निर्माणकार्य किया गया बापून मंदिर !
कंबोडिया के महेंद्र पर्वतपर उगम होनेवाली कुलेन नदी को तत्कालनी हिन्दू राजाआें द्वारा पवित्र गंगानदी की श्रेणी प्रदान...
कंबोडिया के ‘अंकोर थाम’ परिसर में बौद्ध और हिन्दू धर्म के प्रतीक स्वरूप निर्मित ‘बॅयान मंदिर’ !
१२ वें शतक के अंत में जयवर्मन राजा (सांतवे) द्वारा मां के लिए निर्मित ता-फ्रोम् मंदिर !
कंबोडिया में समराई नामक समुदाय के लिए निर्मित भगवान शिवजी का बंते समराई मंदिर !
कंबोडिया के ‘नोम देई’ गांव में भगवान शिव का ‘बंते सराई’ मंदिर !
कंबोडिया के सीम रीप नगर में स्थित एशिया पारंपरिक वस्रों का संग्रहालय !

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वैदिक गुरुकुल संस्कृति


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