हिन्दुओ, ‘मंदिर में पैसे चढाने के बजाय, वही पैसा मंदिर के बाहर बैठे भिखारियों को दें’, ऐसा कहकर भ्रमित करनेवाले और हिन्दू धर्मियों की श्रद्धा पर आघात करनेवाले आधुनिकतावादियों का कपट पहचानें !

प्रगतिशील लोगों को यदि निर्धनों पर इतनी दया आ रही है, तो उन्हें अब तक इन युवाओं को रोजगार देना चाहिए था ।

हिन्दुओं के आस्थास्थान प्रभु श्रीराम पर हुए आरोपों का खंडन

जब तक प्रभु श्रीराम पर हुए मिथ्या आरोप हम सुनेंगे, तब तक हमें भी सत्य का पता नहीं होगा, तो हमारे मन में श्रीराम के प्रति भाव निर्माण होना कठिन है । इसलिए आज हम इन मिथ्या आरोपों की वास्तविकता आपके सामने रखेंगे । इससे निश्‍चित ही आपके मन की शंका दूर होगी और आप भी ऐसे आरोप करनेवालों का सामना आत्मविश्‍वास के साथ कर सकते हैं ।

गणेशमूर्तियों के विसर्जन से जल-प्रदूषण होता है यह कहनेवालो, नगरों के नालों से होनेवाले भीषण जलप्रदूषण का भी विचार करें !

सहस्रों वर्ष से होनेवाले गणेशमूर्तियों के विसर्जन से कभी पर्यावरण की हानि नहीं हुई । परंतु, अपने उदय के पश्चात केवल १०० वर्ष में विज्ञान ने पर्यावरण की अपार हानि कर डाली ।

‘महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर दूध का अभिषेक न कर उस दूध को अनाथों को दें’, ऐसा धर्मद्रोही आवाहन करनेवालों को अभिमान के साथ निम्न उत्तर दें !

भगवान शिवजी को संभवतः दूध से अभिषेक करना चाहिए; क्योंकि दूध में शिवजी के तत्त्व को आकर्षित करने की क्षमता अधिक होने से दूध के अभिषेक के माध्यम से शिवजी का तत्त्व शीघ्र जागृत हो जाता है । उसके पश्‍चात उस दूध को तीर्थ के रूप में पीने से उस व्यक्ति को शिवतत्त्व का अधिक लाभ मिलता है ।

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