दशहरे के निमित्त संदेश (२०१८)

विजयादशमी पर सीमोल्लंघन, अपराजिता-पूजन और शस्त्रपूजन कर्मकांड की भांति न करो ! तुम, महिषासुरमर्दिनी श्री दुर्गादेवी और लंकाविजयी प्रभु श्रीराम की विजय का केवल स्मरण मत करो; अपितु उनके समान पराक्रम और विजय की पुनरावृत्ति कर,  अपने पराक्रम से एक बार पुनः विजयादशमी का दूसरा नाम दशहरा सार्थक करो ! 

दशहरा (विजयादशमी)

आश्विन शुक्ल दशमीकी तिथिपर दशहरा मनाते हैं । दशहरेके पूर्वके नौ दिनोंमें अर्थात नवरात्रिकालमें दसों दिशाएं देवीमांकी शक्तिसे आवेशित होती हैं ।

Donating to Sanatan Sanstha’s extensive work for nation building & protection of Dharma will be considered as

“Satpatre daanam”