विजयादशमी के निमित्त सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का संदेश !

सच्चा सीमोल्लंघन है, ‘विजय प्राप्त करने के लिए शत्रु की सीमा लांघकर युद्ध की चुनौती देना’, अपराजिता देवी की पूजा करने का अर्थ है, ‘विजय प्राप्त करने के लिए देवी से शक्ति मांगना’ तथा छोटे-बडों को अश्मंतक के पत्ते देने का अर्थ है ‘विजयश्री प्राप्त करने के लिए बडों का आशीर्वाद लेना’ !

दशहरा (विजयादशमी)

आश्विन शुक्ल दशमीकी तिथिपर दशहरा मनाते हैं । दशहरेके पूर्वके नौ दिनोंमें अर्थात नवरात्रिकालमें दसों दिशाएं देवीमांकी शक्तिसे आवेशित होती हैं ।