मनुस्मृति का विरोध करनेवाले पहले ठीक से मनुस्मृति का अध्ययन करें !

कुछ मास पूर्व वेदशास्त्रसंपन्न विष्णुशास्त्री बापट ने ‘सार्थ श्रीमनुस्मृति’ इस नए नाम से मनुस्मृति का मराठी में भाषांतर कर उसका लोकार्पण किया था ।

हिंदू धर्मग्रंथ मांसभक्षण का समर्थन नही, निषेधही करते है ।

“वेदों मे मांसभक्षण” का झूठा और निराधार प्रचार यवनों और मलेक्षों द्वारा हमारी संस्कृति को कलंकित करने के उद्देश्य और क्षुदा पूर्ती से किया गया था ।

चरकसंहिता में गोमांस निषिद्ध ही है !

वैज्ञानिक पी.एम. भार्गव द्वारा गोमांस के विषय में किए गए वक्तव्य का प्रतिवाद शास्त्रज्ञ (?) पी.एम. भार्गव द्वारा किया गया वक्तव्य कि आयुर्वेद के अनुसार गोमांस अनेक व्याधियों पर समाधान !, यह वक्तव्य अर्धसत्य है । चरकसंहिता में गोमांस के गुणधर्म बताए गए हैं । १. प्राचीन समय में आयुर्वेद का अध्ययन करने से पूर्व … Read more

श्राद्धविधियोंको अनुचित ठहरानेवाले आधुनिक पुरोगामी व्यक्तियोंद्वारा आलोचना तथा उसका खंडन

धर्महानिको रोकने हेतु हिंदुओंको बौद्धिक सामर्थ्य प्राप्त हो, इसी उद्देश्यसे इस ग्रंथमें ; अनुचित विचार एवं आलोचना के खंडन संबंधी विषयका विस्तृत विवेचन किया हैं ।