ज्ञानप्रबोधिनी या अज्ञानप्रबोधिनी ?

ज्ञानप्रबोधिनी की वटसावित्री पोथी के प्रारंभ में ऐसा उल्लेख है कि ‘पर्यावरण शुद्धि और रक्षा के लिए वटसावित्री की पूजा की जाती है !’ वटवृक्ष (बरगद का वृक्ष) की शुद्ध वायु सेे सत्यवान को होश आया जिससेे सावित्री को आनंद हुआ ।

गुरुसंबंधी आलोचना अथवा अनुचित विचार एवं उनका खंडन !

विश्‍व के आरंभ सेेें भूतल पर विद्यमान सनातन वैदिक धर्म (हिन्दू धर्म), हिन्दुओं के धर्मग्रंथ, देवता, धार्मिक विधि, अध्यात्म आदि पर अनेक लोगों द्वारा आलोचना की जाती है ।

श्राद्ध : अन्य पंथ और श्राद्ध

पृथ्वी पर (दक्षिण दिशा में भूमि खोदकर वहां दर्भ (कुश) फैलाकर उस पर ३ पिंडों का दान करने से नरक में स्थित पूर्वजों का उद्धार होता है । पुत्र को हर प्रकार से मृत पिता का श्राद्ध करना चाहिए ।

Donating to Sanatan Sanstha’s extensive work for nation building & protection of Dharma will be considered as

“Satpatre daanam”