आपातकाल में जीवनरक्षा हेतु आवश्यक पूर्वतैयारी

ऑडिओ गॅलरी

जहां प्रत्येक शब्द दिव्य नाद की अनुभूति देता है

विभिन्न देवताओं का किया गया भावपूर्ण नामजप, आरती, स्तोत्र, मंत्र इत्यादि
स्तोत्र, मंत्र के शब्दों का अर्थ समझकर उनका किया गया सही उच्चारण
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का आध्यात्मिक मार्गदर्शन
श्रीसत्‌शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी की चैतन्यदायी वाणी में प्रसारित होनेवाले भक्तिसत्संग

त्यौहार, उत्सव एवं व्रत

धर्मकार्य में योगदान दीजिए !

‘धर्म के अधिष्ठान पर ही ‘हिन्दू राष्ट्र’ की स्थापना होनेवाली है, इसलिए हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए सर्वत्र धर्मप्रसार का कार्य होना अत्यंत आवश्यक है। धर्मप्रसार के कार्य में ज्ञानशक्ति, इच्छाशक्ति और क्रियाशक्ति इन तीनों में से ज्ञानशक्ति का योगदान सर्वाधिक होता है।’

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संताें की सीख

  • केवल हिन्दू धर्म में अनेक देवी-देवता क्यों हैं ?

    कुछ अन्य धर्मीय हिन्दुओं को चिढाते हैं ‘भगवान एक ही है, तो आपके धर्म में अनेक देवी-देवता क्यों है ?’ ऐसे अध्ययनशून्य व्यक्तियों के ध्यान में यह बात नहीं आती की हिन्दू धर्म सर्वाधिक परिपूर्ण धर्म है । यदि पश्चिमी चिकित्सा शास्त्र का उदाहरण देखें, तो यह ध्यान में आएगा कि पूर्व में विविध रोगों … Read more

प्रसिद्ध व्यक्तियों की सनातन आश्रम को भेट