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मार्गशीर्ष पूर्णिमाके दिन मृग नक्षत्रपर सायंकाल भगवान दत्तात्रेयका जन्म हुआ,दत्तजयंतीपर दत्ततत्त्व पृथ्वीपर सदाकी तुलनामें १००० गुना अधिक कार्यरत रहता है । इस दिन दत्तकी भक्तिभावसे नामजपादि उपासना करनेपर दत्ततत्त्वका अधिकाधिक लाभ मिलनेमें सहायता होती है ।

भगवान दत्तात्रेयके बारेमें पढें !

श्री दत्तजयंतीका महत्त्व

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भगवान दत्तात्रेय
भगवान दत्तात्रेय

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