रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में भावपूर्ण वातावरण में सौरयाग संपन्न !

रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में भावपूर्ण वातावरण में सौरयाग संपन्न । नवग्रहों में सूर्य प्रमुख देवता हैं । जिस प्रकार से श्रीविष्णु ब्रह्मांड का नियमन करते हैं, उसी प्रकार से सूर्यदेव पृथ्वीपर स्थित जीवसृष्टि का नियमन करते हैं । श्‍वसनरोग , नेत्ररोग, हृदयरोग आदि शारीरिक व्याधी (रोग) दूर होकर स्वास्थ्यपूर्ण प्राप्त हो; इसके लिए यह याग किया जाता है ।

राजस्थान के सरकारी चिकित्सालयों में प्रसव हेतु प्रविष्ट महिलाओं की प्रसव पीडा न्यून हो; इसके लिए संगीत चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत गायत्री मंत्र सुनाया जाएगा

राजस्थान के सरकारी चिकित्सालयों में प्रसवपीडा सहन करनेवाली महिलाओं संगीत चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत गायत्री मंत्र सुनाया जाएगा । इसे ‘साऊंड हिलींग थेरपी’ कहा जाता है ।

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी को दीर्घायु प्राप्त हो, साथ ही हिन्दू राष्ट्र स्थापना में उत्पन्न सभी बाधाएं दूर हों; इसके लिए देवताओं से मनौती !

सनातन प्रभात नियतकालिकों के पाठक, धर्मशिक्षावर्ग में आनेवाली महिलाएं, धर्मप्रेमियों ने परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी को दीर्घायु प्राप्त हो और हिन्दू राष्ट्र स्थापना में उत्पन्न सभी बाधाएं दूर हों; इसके लिए मुंबई के विविध स्थानोंसहित नई मुंबई और बोईसर में देवताओं से मनौती मांगी गई ।

सनातन के देवद (पनवेल) के आश्रम में धर्मांधों द्वारा बडी मात्रा में जिहाद करने की धमकी का पत्र

देवद (पनवेल) के सनातन के आश्रम में २४ अप्रैल को धर्मांधों की ओर से डाक के द्वारा ऊर्दूमिश्रित हिन्दी भाषा में धमकी का गुमनाम पत्र मिला है । इस पत्र में धर्मांधों ने बडी मात्रा में जिहाद की धमकी दी है । लोकसभा चुनाव की पृष्ठभूमिपर आचारसंहिता लागू होने के समय ही ऐसा पत्र मिलना बहुत गंभीर बात है ।

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा हस्तस्पर्श किए गए उनकी पादुकाओं का मंगलुरू सेवाकेंद्र में आगमन एवं प्रतिष्ठापना !

हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु अखंड चैतन्य की आपूर्ति करनेवाले तथा परात्पर गुर डॉ. आठवलेजी द्वारा भृगु महर्षिजी की आज्ञा से हस्तस्पर्श किए गए पादुकाओं का मंगलुरू के सेवाकेंद्र में चैत्र कृष्ण पक्ष नवमी अर्थात २८ अप्रैल के मंगल दिवसपर दोपहर १२ बजे आगमन हुआ ।

कर्म, ज्ञान एवं भक्ति का सुंदर संगम बने बेळगाव (कर्नाटक) के डॉ. नीलकंठ दीक्षितजी (आयु ९० वर्ष) सनातन के ८७ वें व्यष्टि संतपदपर विराजमान !

पू. दीक्षितदादाजी सदैव निर्विचार अवस्था में तथा अखंड भाव की स्थिति में होते हैं । दादाजी के शरीर में दैवीय परिवर्तन आए हैं तथा उनके अस्तित्व के कारण उनके निवास में भी परिवर्तन आए हैं ।

हरिद्वार (उत्तराखंड) एवं धारवाड (कर्नाटक) में सनातन प्रभात के एन्ड्रॉईड एप के क्रमशः हिन्दी पाक्षिक एवं कन्नड साप्ताहिक का लोकार्पण

१९ अप्रैल अर्थात हनुमान जयंती के दिन श्री सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज के हस्तों हिन्दी पाक्षिक सनातन प्रभात के एन्ड्रॉईड एप का लोकार्पण किया गया । 

सात्त्विक, सहनशील वृत्ति, निरपेक्ष प्रेम आदि दैवीय गुणों से युक्त शालिनी माईणकरदादीजी (आयु ९२ वर्ष) संतपदपर विराजमान !

मूलतः सात्त्विक वृत्ति तथा अल्प अहं से युक्त माईणकरदादीजी ने गृहस्थी के प्रत्येक प्रसंग का सहनशीलता के साथ सामना किया । प्रत्येक प्रसंग को उन्होंने ईश्वरेच्छा के रूप में स्वीकार किया और अध्यात्म को प्रत्यक्षरूप से आचरण में कैसे लाना है ?, इसकी सीख सभी को दी ।

सनातन आश्रम में भ्रमणसंगणक (लैपटौप) तथा ‘लैपटौप बैग’ की आवश्यकता !

‘सनातन के आश्रम में विविध संगणकीय सेवाओं के लिए,निम्नांकित क्षमतावाले भ्रमणसंगणक तथा लैपटौप बैग की आवश्यकता है ।

अक्षय्य तृतीया के पर्वपर ‘सत्पात्र दान’ देकर ‘अक्षय्य दान’ का फल प्राप्त करें !

‘७.५.२०१९ को ‘अक्षय्य तृतीया’ है । इस दिन किया जानेवाला दान और हवन का क्षय नहीं होता; जिसका अर्थ उनका फल मिलता ही है । इसलिए कई लोग इस दिन बडी मात्रा में दानधर्म करते हैं ।

Donating to Sanatan Sanstha’s extensive work for nation building & protection of Dharma will be considered as

“Satpatre daanam”