दाभोलकर हत्या प्रकरण में सनातन संस्था का निर्दाेषत्व सिद्ध; साधक निर्दाेष मुक्त !

डॉ. दाभोलकर हत्या प्रकरण में न्यायालय ने दिए निर्णय का हम आदर करते हैं । इस निर्णय के अनुसार सनातन के साधक निर्दाेष थे, यह आज सिद्ध हुआ । सनातन संस्था को हिन्दू आतंकवादी सिद्ध करने का ‘अर्बन नक्षलवादियों’ का षडयंत्र विफल हुआ है ।

सनातन संस्था के रौप्य महोत्सव के उपलक्ष्य में पुणे में 9 हजार हिन्दुओं की उपस्थिति में ‘सनातन गौरव दिंडी’ !

सनातन संस्था के रौप्य महोत्सव के उपलक्ष्य में ‘सनातन धर्म पर हो रही टीका-टिप्पणी को उत्तर देने के लिए, इसके साथ ही सनातन धर्म का गौरव बढाने के लिए’ रविवार श्याम को पुणे में 9 हजार से भी अधिक हिन्दुओं ने एकत्र आकर ‘सनातन गौरव दिंडी’ निकाली । इसमें 20 से भी अधिक विविध संप्रदाय-संगठन सम्मिलित हुए थे ।

अबू धाबी में ‘बी.ए.पी.एस.हिन्दू मंदिर उद्घाटन समारोह में सनातन संस्था के संतों की वंदनीय उपस्थिति !

मंदिर द्वारा 15 फरवरी को आयोजित ‘हार्मनी’ कार्यक्रम में सनातन संस्था की ओर से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणी श्रीसत्‌शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी की वंदनीय उपस्थिति रहीं ।

‘वेदशास्त्र रिसर्च एंड फाउंडेशन’ द्वारा सनातन संस्था ‘हिन्दुत्व के आधारस्तंभ’ पुरस्कार से सम्मानित !

‘वेदशास्त्र रिसर्च एंड फाउंडेशन’की ओर से देशभर में सांस्कृतिक, सामाजिक एवं हिन्दुत्व के क्षेत्र में समर्पित भाव से उल्लेखनीय कार्य करनेवाले मान्यवर व्यक्ति एवं संस्था को सम्मानित किया गया । इस समारोह में उत्तराखंड के भूतपूर्व मुख्यमंत्री तथा महाराष्ट्र के भूतपूर्व राज्यपाल श्री. भगतसिंह कोश्यारी के हस्ते सनातन संस्था को ‘हिन्दुत्व के आधारस्तंभ’ (पिलर्स ऑफ हिन्दुत्व) पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।

श्रीराम मंदिर में हुए समारोह में सनातन संस्था की आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणी द्वय की वंदनीय उपस्थिति !

अयोध्या नगरी के श्रीराम मंदिर में मूर्ति का भव्य दिव्य प्राणप्रतिष्ठा समारोह सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत बाळाजी आठवलेजी की आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणी द्वयी श्रीसत्‌शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी तथा श्रीचित्‌‌शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी की वंदनीय उपस्थिति थी ।

अयोध्या में प्रभु श्रीराम की मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा, सूक्ष्म स्तर पर रामराज्य का, अर्थात हिन्दू राष्ट्र का प्रारंभ है !

२२.१.२०२४ को अयोध्या में निर्माणाधीन भव्य श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला की मूर्ति की विधिवत प्राणप्रतिष्ठा होगी । इस प्राणप्रतिष्ठा के कारण अयोध्या से साक्षात श्रीराम के स्पंदन भारत में ही नहीं, अपितु संपूर्ण पृथ्वी पर नियमित रूप से प्रक्षेपित होंगे । यह एक प्रकार से प्रभु श्रीराम का सूक्ष्म स्तरीय अवतरण है ।

हिन्दू राष्ट्र-स्थापना हेतु ‘आपातकाल के पूर्व ग्रंथों के माध्यम से अधिकाधिक धर्मप्रसार हो’, यह सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का संकल्प कार्यरत होने के कारण इस कार्य में उत्कंठापूर्वक सम्मिलित होनेवालों पर उनकी अपार कृपा होगी

ज्ञानशक्ति के माध्यम से कार्य होने का सर्वाधिक प्रभावी माध्यम है ‘ग्रंथ’ ! संक्षेप में ‘ग्रंथों के माध्यम से धर्मप्रसार करना’, वर्तमान काल की श्रेष्ठ साधना है । इसीलिए ‘आपातकाल के पूर्व ग्रंथों के माध्यम से अधिकाधिक धर्मप्रसार हो’, यह सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की तीव्र उत्कंठा है ।

युवा पीढी तथा अभिभावकों से विनम्र अनुरोध !

ग्रंथसेवा तो श्रेष्ठ ज्ञानशक्ति के स्तर की सेवा है, इसलिए यह सेवा शीघ्र आध्यात्मिक उन्नति करानेवाली सेवा भी है । अतः युवको, अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुसार आप इस ग्रंथनिर्मिति की सेवा में सम्मिलित होकर इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएं !

भीषण आपातकाल आरंभ होने के पूर्व ही सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ग्रंथनिर्मिति के कार्य में सम्मिलित होकर शीघ्र ईश्वरीय कृपा के पात्र बनें !

हिन्दू राष्ट्र कुछ सहस्र वर्ष रहेगा; परंतु ग्रंथों का ज्ञान अनंत काल बना रहेगा, इसलिए जिस प्रकार हिन्दू राष्ट्र शीघ्र साकार होना आवश्यक है, उतनी ही शीघ्रता से भीषण आपातकाल आरंभ होने के पूर्व ग्रंथ प्रकाशित करने की भी है । 

बॉम्बे हाईकोर्ट: नालासोपारा बम बरामदगी मामले में आरोपी वैभव राऊत को मिली जमानत

नालासोपारा हथियार बरामदगी मामले में आरोपी वैभव राउत को बॉम्बे हाई कोर्ट से जमानत मिल गई। अदालत ने राउत को जमानत इसलिए दी, क्योंकि वह पिछले पांच साल से जेल में बंद थे। इस मामले में अब तक लगभग 417 इच्छित गवाहों में से केवल 4 के ही बयान दर्ज किए गए हैं। महाराष्ट्र आतंकवाद … Read more