श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजाविधि

भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करना श्रावण कृष्ण पक्ष अष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ । यह दिन श्रीकृष्णजयंती के रूप में मनाया जाता है । प्रस्तुत लेख में श्रीकृष्ण की पूजाविधि दी है । पूजा के मंत्रों का अर्थ समझ में आने पर, भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अधिक भावपूर्ण होने में सहायता होती है … Read more

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के संदर्भ में सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का विचारधन !

भारत में शीघ्र ही हिन्दू राष्ट्र स्थापित होगा । काल की पदचाप (आहट) पहले ही सुन लेनेवाले संतों ने, हिन्दू राष्ट्र रूपी उज्ज्वल भविष्य देख लिया है । अब उस दिशा में प्रयत्न करना, हमारी साधना है ।

अपनी सहज बातचीत एवं सरल व्यवहार से भक्तों को सिखानेवाले प.पू. भक्तराज महाराजजी !

ऐसे अनेक प्रसंग हैं कि जब आरंभ में प.पू. भक्तऱाज महाराजजी की बातें तर्कहीन लगी थीं; परंतु गुरु की कोई भी बात तथा उनका व्यवहार वैसा नहीं होता । अर्थात वे जो बोलते हैं, वह हमें उस समय समझ में नहीं आता; परंतु कुछ समय उपरांत हमें उन बातों में छिपा अर्थ समझ में आता है ।

आध्यात्मिक उपचारों के संदर्भ में यह ध्यान रखें !

आध्यात्मिक कष्ट से पीडित साधकों के लिए नामजप करते समय आरंभ में ‘प्राणशक्ति प्रणाली’ के अनुसार नामजप ढूंढकर उसे करना तथा उसके उपरांत श्रीराम का नामजप करना अधिक उचित है ।

साधको, वर्तमान आपातकाल में रात्रि के समय व्यक्तिगत वाहन से लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें तथा अपरिहार्य परिस्थिति में ही आध्यात्मिक स्तर के उपाय करके रात्रि-यात्रा करें !

वर्तमान में आपातकाल की तीव्रता को ध्यान में रखते हुए साधकों को रात्रि में व्यक्तिगत वाहन से लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए; उदाहरणार्थ गोवा से पुणे । अपवादस्वरूप परिस्थितियों में अथवा किसी अपरिहार्य कारणवश यदि रात्रि में यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो साधकों को आध्यात्मिक स्तर पर निम्नलिखित उपाय करने चाहिए ।

सनातन संस्था की श्रीसत्‌शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी का शदाणी दरबार के नारीशक्ति सम्मेलन में मार्गदर्शन !

शदाणी दरबार के विद्यमान नवम् पीठाधीश्वर प.पू. डॉ. युधिष्ठिरलाल महाराज के आमंत्रण पर सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणियां २० एवं २१ जुलाई २०२६ को शदाणी दरबार के कार्यक्रम में उपस्थित थीं ।

छत्तीसगढ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण हेतु राज्य सरकार सनातन संस्था की सहायता करेगी ! – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले की आध्यात्मिक उत्तराधिकारी श्रीसत्‌शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळ और श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळ ने हाल ही में छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री श्री. विष्णुदेव साय से भेंट की । मुख्यमंत्री ने सनातन के कार्य की सराहना की । सद्गुरुद्वयी का यह दौरा छत्तीसगढ के धर्मकार्य को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करनेवाला रहा ।

हरियाणा में सनातन संस्था द्वारा आयोजित निःशुल्क सनातन संस्कार प्रशिक्षण शिविर संपन्न

सनातन संस्था द्वारा आयोजित धारूहेडा स्थित बेस्टटेक सोसायटी के कल्ब हाऊस में २६ जून से ३० जून तक निःशुल्क सनातन संस्कार प्रशिक्षण शिविर संपन्न हुआ । शिविर में अनेक बच्चों ने सहभाग लेकर भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं सनातन परंपराओं से संबंधित विविध विषयों का प्रशिक्षण प्राप्त किया ।

रामानंदाचार्य दक्षिण पीठ, नाणीजधाम (रत्नागिरी) के जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी का रामनाथी (गोवा) स्थित सनातन आश्रम में मंगलमय आगमन

हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए निरंतर कार्यरत जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी ने १३ जुलाई २०२६ को रामनाथी (गोवा) स्थित सनातन संस्था के आश्रम का मंगलमय दौरा किया ।

भीलवाडा (राजस्थान) में छह दिवसीय ‘सनातन संस्कार प्रशिक्षण वर्ग’ का भव्य समापन !

भावी पीढी को सुसंस्कृत और राष्ट्रभक्त बनाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद (विवेकानंद शाखा), श्री काशीपुरी वकील कॉलोनी महेश समिति तथा सनातन संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छह दिवसीय ‘सनातन संस्कार प्रशिक्षण वर्ग’ का भव्य समापन हुआ । शिविर में कुल ५५ बच्चों ने सनातन धर्म की शिक्षा और अध्यात्म के व्यावहारिक सूत्रों को सीखा ।