कोई भी पूर्व सूचना दिए बिना ‘फेसबुक’ के ‘पेजेस्’ (पृष्ठ) बंद करने के विरोध में सनातन संस्था की ओर से मुंबई उच्च न्यायालय में आवाहन !

‘फेसबुक’ के पृष्ठ (‘पेजेस्’) बंद करना, यह अभिव्यक्ति स्वतंत्रता के विरोध में है । ‘फेसबुक’ की यह कृति केंद्र सरकार के अधिकारों का उल्लंघन करती है और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिए भारतीय नागरिकों के मूलभूत अधिकारों पर अंकुश लगाने वाली है, ऐसा कहते हुए सनातन संस्था ने ‘फेसबुक’ के पेज बंद करने की कार्यवाही का मुंबई उच्च न्यायालय में आवाहन किया है ।

जलवायू परिवर्तन से होने वाले नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती ! – वैज्ञानिकों का दावा

विश्व जलवायु परिवर्तन से होने वाली हानि अब इस स्तर पर पहुंच गई है कि उसे सुधारा नहीं जा सकता । इस कारण उसके साथ ही जीना पड़ेगा, ऐसा प्रतिपादन वैज्ञानिक प्रा. मार्कस रेक्स ने किया है ।

सूर्यग्रहण के कारण विश्व में युद्धजन्य स्थिति उत्पन्न हो सकती है !- ज्योतिष की भविष्यवाणी

समाचार वाहिनी ‘आज तक’ द्वारा प्रसारित किए गए ज्योतिषाचार्य कमल नंदलाल के भविष्य कथन के अनुसार, ‘इस ग्रहण का पूरे विश्व में अनिष्ट परिणाम दिखाई देनेवाला है ।

फेसबुक की हिन्दूद्वेष की श्रृंखला जारी ही है !

फेसबुक द्वारा हिन्दू जनजागृति समिति के ‘ हिन्दू अधिवेशन’, साथ ही ‘सनातन प्रभात’ नियतकालिको के ‘सनातन प्रभात’ एवं सनातन के ग्रंथ तथा सात्विक उत्पादों का विक्रय करनेवाले ‘सनातन शॉप’ के पृष्ठों को बंद कर दिया गया था ।तदुपरांत, इस संदर्भ में हिन्दू जनजागृती समिति, सनातन प्रभात एवं सनातन संस्था द्वारा पत्र भेजे गए हैं; परंतु, फेसबुक ने कोई उत्तर नहीं दिया है ।

कठिन प्रसंग में भी कृतज्ञभाव में रहनेवाले और परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के प्रति अपार भाव रखनेवाले कल्याण (ठाणे) के स्व. माधव साठे (आयु ७५ वर्ष) संतपद पर विराजमान !

कल्याण यहां के श्री. माधव साठे वर्ष १९९८ से सनातन के मार्गदर्शन में साधना कर रहे थे । परात्पर गुरु डॉक्टरजी पर उनकी अपार श्रद्धा थी । साधना की तीव्र लगन के कारण उन्होंने मन लगाकर व्यष्टि और समष्टि साधना की । वर्ष २०१२ में उनका आध्यात्मिक स्तर ६० प्रतिशत घोषित किया गया था ।

साधना की तीव्र लगन और ईश्वर पर दृढ श्रद्धा रख असाध्य रोग में भी भावपूर्ण साधना कर ‘सनातन के १०७ वें (समष्टि) संतपद’ पर आरूढ हुए अयोध्या के पू. डॉ. नंदकिशोर वेदजी (आयु ६८ वर्ष) !

सनातन आश्रम में निवास करनेवाले डॉ. नंदकिशोर वेदजी (आयु ६८ वर्ष) का दीर्घकालीन रोग के कारण ११ मई २०२१ की संध्या को निधन हुआ । वे मूलत: अयोध्या (उत्तर प्रदेश) निवासी थे । २२ मई २०२१ को डॉ. नंदकिशोर वेद को देहत्याग किए १२ दिन पूर्ण हुए । इस दिन साधना की तीव्र लगन और ईश्वर पर दृढ श्रद्धा रख, असाध्य रोग में भी भावपूर्ण साधना कर वे सनातन के १०७ वें (समष्टि) संतपद पर आसीन हुए ।

कोरोना विषाणु के विरुद्ध स्वयं में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने हेतु चिकित्सकीय उपचारों के साथ आध्यात्मिक बल प्राप्त होने हेतु ‘श्री दुर्गादेवी, दत्त देवता एवं भगवान शिव’, इन देवताओं का एकत्रित नामजप ध्वनिविस्तारक द्वारा सर्वत्र लगाने का नियोजन करें !

यह सिद्ध हो चुका है कि ‘नामजप न केवल आध्यात्मिक उन्नति के लिए पूरक है, साथ ही विविध विकारों के निर्मूलन के लिए भी लाभदायक है । वर्तमान कोरोना महामारी के काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होने के लिए योगासन, प्राणायाम, आयुर्वेदीय उपचार इत्यादि प्रयास समाज के लोग कर रहे हैं । इनके साथ ही रोग प्रतिरोधक शक्ति तथा आत्मबल बढाने के लिए उचित साधना ही करनी पडती है ।

हिन्दू जनजागृति समिति के ‘हिन्दू सम्मेलन’, ‘सनातन प्रभात’ और ‘सनातन शॅाप’ के फेसबुक पेज पर प्रतिबंध !

हिन्दू जनजागृति समिति के ‘हिन्दू सम्मेलन’, ‘सनातन प्रभात’ और सनातन की ‘सनातन शॅाप ‘ के फेसबुक पेज, फेसबुक से बंद (अप्रकाशित) कर दिए गए हैं । विशेष बात यह है कि, ‘सनातन प्रभात’ और ‘सनातन शॅाप’ के पेज पूरी तरह से हटा दिए गए हैं । फेसबुक द्वारा हिन्दू जनजागृति समिति या सनातन प्रभात को इस बारे में कोई जानकारी या कारण नहीं दिया गया है ।

काली और सफेद फंगस के बाद अब मिला पीले फंगस से संक्रमित मरीज !

काली और सफेद फंगस के बाद अब देश में पीले फंगस से संक्रमित मरीज मिला है । पीला फंगस अधिक खतरनाक होने का विशेषज्ञों ने कहा है । गाजियाबाद में मिले पीले फंगस के मरीज पर अभी उपचार चालू है ।

२६.५.२०२१ को होनेवाला खग्रास चंद्रग्रहण

वैशाख पूर्णिमा, २६.५.२०२१, बुधवार को होनेवाला खग्रास चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए ग्रहण का कोई भी वेध आदि नियम के पालन करने की आवश्‍यकता नहीं ।