दिनभर की विभिन्न कृतियों में भी हम कैसे भाव रख सकते हैं ?

आज से हम जो भी कृति करेंगे वह ईश्वर का स्मरण करते हुए और जैसी ईश्वर को अच्छी लगेगी, वैसी करेंगे । फिर हम उसे ईश्वर को समर्पित करेंगे ।

कोरोना के समय में श्रीमद्भगवद्गीता से शक्ति और शांति मिलेगी ! – अमेरिका में भारतीय वंश की सांसद तुलसी गेबार्ड

हमें भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा सिखाए गए भक्तियोग और कर्मयोग के पालन से शक्ति और शांति मिल पाएगी, ऐसा वक्तव्य अमेरिका की प्रथम हिन्दू सांसद तुलसी गेबार्ड ने किया ।

काल के पदचिन्ह पहचानकर उद्योगपति अपनी योजना करें ! – श्री. चेतन राजहंस, सनातन संस्था

आनेवाला काल भीषण है । इसलिए कोई भी निर्णय लेते समय इसका अनुभूति होना आवश्यक है । उद्योगपति राष्ट्र का आधारस्तंभ हैं ।

गुरुपूर्णिमा निमित्त परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी का संदेश (2020)

जिस प्रकार गुरु का कार्य समाज को आध्यात्मिक उन्नति के लिए मार्गदर्शन करना है, उसी प्रकार समाज को कालानुसार मार्गदर्शन करना भी गुरुपरंपरा का कार्य है ।

‘सनातन डॉट ऑर्ग’ जालस्थल के मलयालम भाषा का तेलंगाना चिलकूर बालाजी मंदिर के मुख्य पुजारी सी. एस. रंगराजन के करकमलों से लोकार्पण

सनातन संस्था के सनातन डॉट ऑर्ग जालस्थल का  मलयालम भाषा में लोकार्पण तेलंगाना चिलकूर बालाजी ‘मंदिर के मुख्य पुजारी श्री. सी.एस. रंगराजन के करकमलों द्वारा २८ जून को मंदिरों का नियंत्रण धर्मनिरपेक्ष सरकार के हाथों में क्यों ?’, इस विषय पर ‘ऑनलाइन’ परिसंवाद में संपन्न हुआ ।

फेसबुक लाइव में ‘परिचय संतों का…’ में उजागर हुआ ‘परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी का अलौकिक कार्य !’

श्री. राजहंस ने उपस्थित जिज्ञासुओं को श्री विठ्ठल एवं वारी के संदर्भ में परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा रखे गए शास्त्रीय ज्ञान से अवगत कराया ।

वास्तुदेवता की कृपादृष्टि सदैव हमपर बनी रहे इसलिए कैसी प्रार्थनाएं करें

आज हम सीखेंगे कि वास्तुदेवता की कृपादृष्टि सदैव हमपर बनी रहे इसलिए कैसी प्रार्थनाएं करें । प्रार्थना एसे करें कि हम आर्त भाव से ईश्वर को पुकार रहे हैं ।

हनुमानजी की सेवा और भक्ति का अद्वितीय उदाहरण

आज तक जहां राम-नाम का स्मरण होता है, जहां रामकथा होती है, वहा साधकों को मदद करने के लिए हनुमानजी सूक्ष्मरूप से उपस्थित रहते हैं ।