गुरुपूर्णिमा पूजाविधि (संपूर्ण गुरु पूजन मंत्र एवं अर्थसहित)

आषाढ पूर्णिमा अर्थात व्यासपूजन अर्थात गुरुपूर्णिमा । इस दिन ईश्वर के सगुण रूप अर्थात गुरु का मनोभाव से पूजन

आषाढी एकादशी

एकादशी यह भगवान श्री विष्णु की तिथि है । एकादशी व्रत करनेसे, कार्यक्षमतामें वृद्धि होना, आयुवृद्धि होना एवं आध्यात्मिक उन्नति शीघ्र होनेमें सहायता मिलना ।

इंद्रप्रस्थ सांस्कृतिक महोत्सव में सनातन संस्था की ग्रंथ-प्रदर्शनी को जिज्ञासुओं ने दिया उत्स्फूर्त प्रत्युत्तर

देहली के ऐतिहासिक परिसर में आयोजित ‘इंद्रप्रस्थ सांस्कृतिक महोत्सव (आई.सी.एफ. २०२६)’ भारतीय संस्कृति, इतिहास एवं अध्यात्म का एक अनोखा संगम सिद्ध हुआ । सनातन संस्था की ओर से आयोजित ग्रंथ-प्रदर्शनी इस महोत्सव में विशेष आकर्षण का केंद्र बनी ।

झारखंड एवं बंगाल में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए मंदिरों में सामूहिक प्रार्थना कर देवताओं के चरणों में मन्नत मांगी !

सनातन संस्था की ओर से अक्षय तृतीया के पावन पर्व झारखंड एवं बंगाल में ‘रामराज्य-निर्माण अभियान’ अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर रामराज्य स्थापना हेतु संकल्प कार्यक्रम सम्पन्न हुए ।

अर्पणदाताओ, गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में धर्मकार्य हेतु धन अर्पित कर गुरुतत्त्व का लाभ लो !

२९ जुलाई २०२६ को गुरुपूर्णिमा है । गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का यह दिवस शिष्य के लिए अविस्मरणीय होता है । इस दिन गुरुदेवजी का कृपाशीर्वाद तथा उनसे प्रक्षेपित होनेवाला शब्दातीत ज्ञान सामान्य की अपेक्षा सहस्रों गुना अधिक कार्यरत होता है ।

सनातन आश्रम, रामनाथी के भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ ‘आयुष्य होम’ !

सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणी श्रीसत्‌शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी एवं श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी की वंदनीय उपस्थिति में यह होम संपन्न हुआ । होम का अनुष्ठान सनातन वेदपाठशाला के पुरोहितों ने किया ।

साधको, आनेवाले आपातकाल का सामना करने के लिए श्रद्धा के बल पर साधना में आनेवाली बाधाओं पर विजय प्राप्त करो !

मन में संदेह रखनेवाले कुछ लोग साधना से दूर चले जाते हैं, साथ ही वे अन्य लोगों से नकारात्मक चर्चा कर उनके मन में भी संदेह उत्पन्न करते हैं । इसका गंभीर परिणाम साधकों पर और समष्टि कार्य पर होता है । इससे पापकर्म घटित होता है । साधकों को ऐसे लोगों से सावधान और सतर्क रहना चाहिए ।

१२ ज्योतिर्लिंगों में प्रथम मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य अंश सनातन संस्था को अर्पित !

४ मई २०२६ के पवित्र दिन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के ४ दिव्य अंशों का रामनाथी (गोवा) स्थित सनातन संस्था के आश्रम में आगमन हुआ । श्रीचित्शक्ति श्रीमती अंजली मुकुल गाडगीळजी द्वारा लाए गए ४ शिवलिंगों का साधकों ने भोलेनाथ के जयघोष एवं वेदमंत्रोच्चार के साथ भावपूर्ण स्वागत किया ।

झारखंड एवं पूर्वोत्तर भारत में ‘रामराज्य निर्माण अभियान’ के अंतर्गत विविध उपक्रम संपन्न !

मंदिरों की पवित्रता एवं चैतन्य बनाए रखने हेतु मंदिर स्वच्छता अभियान भी चलाया गया । इसमें धनबाद के शिव मंदिर, बेकार बांध, राम मंदिर, कुसुम विहार, लक्ष्मीनारायण मंदिर, धनसार, कोलकाता के हातियारा एवं वासुदेव पाडा में मंदिर स्वच्छता के उपक्रम में धर्मप्रेमियों ने उत्साह से सहभाग लिया ।

सनातन संस्था का कार्य अदभुत एवं हिन्दुत्व के लिए संजीवनी है ! – पंडित गौरांग गौरीजी, कथावाचक, वृंदावन

यहां चल रहे लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के आध्यात्मिक आयोजन में वृंदावन से आई पंडित गौरांग गौरीजी से सनातन संस्था के साधक श्री. रणजीत सिंह मिले, तथा उन्हें संस्था के उद्देश्यों से परिचित कराया ।