भावस्थिति अनुभव करने में मुख्य रुकावटें कौन-सी हैं ?
भाव जागृति में कर्तापन को त्याग कर, सब ईश्वर की इच्छा से ही हो रहा है, एसा भाव रखना चाहिए । जैसे मैंने कुछ अच्छा किया, तो यह बुद्धि तो ईश्वर ने ही दी है ।
भाव जागृति में कर्तापन को त्याग कर, सब ईश्वर की इच्छा से ही हो रहा है, एसा भाव रखना चाहिए । जैसे मैंने कुछ अच्छा किया, तो यह बुद्धि तो ईश्वर ने ही दी है ।
वर्तमान में, भारत और साथ ही अन्य प्रमुख शहरों में महानगरों की जनसंख्या दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है । वहां बढती महामारी सभी के लिए चिंता का विषय बन गई है ।
बहते पानी में पैदल चलते न जाएं । पानी में जाना आवश्यक हो, तो जहां बहता पानी नहीं है, ऐसे स्थान से पैदल चलें । जहां हम कदम रखनेवाले हैं, वहां की भूमि मजबूत होने की आश्वस्तता करने हेतु लाठी का उपयोग करें ।
श्राद्ध अथवा पितृपक्ष में समाज को इस विषय की शास्त्रीय जानकारी मिले और पितृदोष से रक्षा हो, इसलिए २९ एवं ३० अगस्त को सनातन संस्था की ओर से दिल्ली और फरीदाबाद में ‘ऑनलाइन’ प्रवचन लिए गए ।
२ सितंबर रात ११.५७ बजे सनातन संस्था की फेसबुक की अधिकृत ‘सनातन संस्था’, ‘सनातन संस्था अंग्रेजी’ और सनातन संस्था का ‘प्रोफाइल पेज’, ऐसे ३ पृष्ठ अचानक दिखने बंद हो गए हैं ।
‘पितृपक्ष में पितरों के लिए किए श्राद्ध का श्राद्धविधि में उपयोग किए पिंडों पर क्या परिणाम होता है ?’, इसका वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए २७.९.२०१८ को रामनाथी, गोवा स्थित सनातन के आश्रम में ‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’ द्वारा एक परीक्षण किया गया ।
श्रद्धालुओं के लिए श्री गणेशभूर्ति की प्रतिष्ठापना करना सुलभ हो; इसके लिए सनातन संस्था की ओर से ‘गणेश पूजा एवं आरती’ एंड्रॉइड एप बनाया गया ।
सनातन संस्था के ग्रंथ पाठकों को सरल भाषा में अमूल्य ज्ञान देते हैं, साथ ही उनमें धर्म के प्रति श्रद्धा भी बढाते हैं । इसके कारण अधिक मास में इस प्रकार के ग्रंथदान के द्वारा पुण्यसंचय सहित आध्यात्मिक लाभ भी उठाएं ।
आईआईटी इंदौर’ में छात्रों को संस्कृत भाषा में प्राचीन भारतीय विज्ञान की शिक्षा दी जा रही है । इसके लिए पूरे विश्व के ७५० से अधिक छात्रों ने प्रवेश लिया है ।