श्रीसत्‌शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी का परिचय

‘हम कितना भी चिंतन करें, तब भी सद़्गुरु (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी (सद़्गुरु बिंदाजी) के सूक्ष्म आध्यात्मिक कार्य की व्याप्ति नहीं निकाल पाएंगे ! उनका सूक्ष्म कार्य अपार है; क्योंकि वह मानव बुद्धि से परे है ।

नवविधा भक्ति : श्रवण भक्ति

सच्चे भक्तों के मन में ईश्वर के स्मरण के अतिरिक्त दूसरी कोई भी इच्छा नहीं होती । वे मोक्षप्राप्ति की इच्छा भी नहीं रखते । भक्तों के हृदय में भक्ति की ज्योत, गुरुकृपा से तथा साधकों के और संतों के सत्संग से सदैव प्रज्वलित रहती है । यही नवविधा भक्ति में पहली भक्ति है श्रवण भक्ति ।

‘फेसबुक’ द्वारा सनातन संस्था के ‘फेसबुक’ खाते के ५ पृष्ठ और ‘इंस्टाग्राम’के २ खातों पर प्रतिबंध !

‘फेसबुक’ द्वारा प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ तथा भाजपा विधायक टी. राजासिंह, जिनका फेसबुक पेज ही नहीं था, उसपर प्रतिबंध लगानेवाले फेसबुक ने सनातन संस्था के अधिकृत ५ ‘फेसबुक पेजेस’ (पृष्ठ) और २ ‘इंस्टाग्राम’ खातोंपर प्रतिबंध लगाया है ।

दूसरों के गुण कैसे सीखें ?

इसलिए यदि हम अपने आसपास सभी में गुण देखने की वृत्ति बढा लें, तो हमें ध्यान में आएगा कि भगवान में अनंत गुण हैं और उन्होंने अपने सभी गुण हमारे आसपास की ही सृष्टि में बिखेर दिए हैं ।

भावस्थिति अनुभव करने में मुख्य रुकावटें कौन-सी हैं ?

भाव जागृति में कर्तापन को त्याग कर, सब ईश्वर की इच्छा से ही हो रहा है, एसा भाव रखना चाहिए । जैसे मैंने कुछ अच्छा किया, तो यह बुद्धि तो ईश्वर ने ही दी है ।

बडे शहरों में असुरक्षित वातावरण के साथ-साथ वहां के रज-तम के बढते प्रभुत्व का कारण अपने परिवार के साथ किसी गांव अथवा तालुका में स्थानांतरित होने का विचार करें और वैसी व्यवस्था करें !

वर्तमान में, भारत और साथ ही अन्य प्रमुख शहरों में महानगरों की जनसंख्या दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है । वहां बढती महामारी सभी के लिए चिंता का विषय बन गई है ।

‘बाढ का पानी घटने के पश्‍चात बरतनी आवश्यक सावधानियों’ के संदर्भ में मार्गदर्शक सूत्र : भाग ५

बहते पानी में पैदल चलते न जाएं । पानी में जाना आवश्यक हो, तो जहां बहता पानी नहीं है, ऐसे स्थान से पैदल चलें । जहां हम कदम रखनेवाले हैं, वहां की भूमि मजबूत होने की आश्वस्तता करने हेतु लाठी का उपयोग करें ।

सनातन संस्था की ओर से देहली और फरीदाबाद में ‘पितृपक्ष’ विषय पर ‘ऑनलाइन’ प्रवचन का आयोजन

श्राद्ध अथवा पितृपक्ष में समाज को इस विषय की शास्त्रीय जानकारी मिले और पितृदोष से रक्षा हो, इसलिए २९ एवं ३० अगस्त को सनातन संस्था की ओर से दिल्ली और फरीदाबाद में ‘ऑनलाइन’ प्रवचन लिए गए ।

सनातन संस्था के ३ फेसबुक पृष्ठ अचानक हुए बंद

२ सितंबर रात ११.५७ बजे सनातन संस्था की फेसबुक की अधिकृत ‘सनातन संस्था’, ‘सनातन संस्था अंग्रेजी’ और सनातन संस्था का ‘प्रोफाइल पेज’, ऐसे ३ पृष्ठ अचानक दिखने बंद हो गए हैं ।

पितृपक्ष में श्राद्धविधि (श्राद्धकर्म) करने के पश्‍चात पितरों के पिंड में अत्‍यधिक सकारात्‍मक परिवर्तन होना

‘पितृपक्ष में पितरों के लिए किए श्राद्ध का श्राद्धविधि में उपयोग किए पिंडों पर क्‍या परिणाम होता है ?’, इसका वैज्ञानिक अध्‍ययन करने के लिए २७.९.२०१८ को रामनाथी, गोवा स्‍थित सनातन के आश्रम में ‘महर्षि अध्‍यात्‍म विश्‍वविद्यालय’ द्वारा एक परीक्षण किया गया ।