मनुष्यजन्म का सार्थक करने का उपदेश देनेवाले संत नामदेवजी के अभंग (भक्तिगीत)

श्रीविठ्ठलजी की अनन्यभाव से भक्ति करनेवाले भक्तशिरोमणि संत नामदेव महाराज ! उनके स्मृतिदिवस के उपलक्ष्य में पंढरपुर के उनके निवास में स्थित विठ्ठलजी की भूर्तियों का भावपूर्ण दर्शन करेंगे ।

ओतूर (पुणे) के श्री कपार्दिकेश्‍वर मंदिर के मेले की विशेषता !

ओतूर में श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को मेला लगता है । इस दिन सुबह गांव के सभी घरों से चावल इकट्ठा कर उसे ओतूर की मांडवी नदी में धो लिया जाता है और मंदिर के गर्भगृह में उस चावल से ५ घडों का पिंड बनाया जाता है ।

Rest in peace (RIP) का वास्तविक अर्थ जान लें !

REST IN PEACE का अर्थ ‘शांति से लेटिए !’ ‘हे मृतात्मा, हमने तुम्हारे शरीर को भूमि में दफनाया है । अब कयामत के दिन उपरवाला तुम्हारे साथ न्याय करेगा; इसलिए अब तुम इस भूमि में शांति से लेटकर कयामत के दिन की प्रतिक्षा करो !’’

यावल (जळगांव, महाराष्ट्र) में सनातन संस्था की ओर से साधना शिविर संपन्न

जळगांव के विठ्ठल मंदिर में धर्मप्रेमियों के लिए २१ अगस्त को सनातन संस्था की ओर से साधना शिविर लिया गया ।

गणेशभक्तों, भावभक्ति एवं धर्मपालन को जीवन में पहला और प्रमुखता से स्थान देना आवश्यक !

बाढग्रस्त प्रदेशों में जिन हिन्दुओं को आर्थिक समस्या के कारण श्री गणेशमूर्ति की प्रतिष्ठापना करना संभव नहीं है, वे गणेशोत्सव के समय में भावभक्ति के साथ श्रीगणेशजी की उपासना करें ।

रामनाथी (गोवा) के सनातन आश्रम में श्रीकृष्ण जयंती समारोह भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया

श्रावण कृष्ण पक्ष सप्तमी अर्थात २३ अगस्त को यहां के सनातन आश्रम में श्रीकृष्ण जयंती का समारोह भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया ।

तात्यासाहेब कोरे दंत महाविद्यालय में छात्रों के लिए सनातन संस्था की ओर से गणेशोत्सव के संदर्भ में मार्गदर्शन

नया पारगांव-वारणानगर (जनपद कोल्हापुर, महाराष्ट्र) के तात्यासाहेब कोरे दंत महाविद्यालय के छात्रों को सनातन संस्था की ओर से ‘गणेशोत्सव आदर्श एवं वास्तविकता’ विषयपर मार्गदर्शन किया गया ।

सनातन संस्था ने देहली विश्‍वविद्यालय परिसर में स्थित स्वतंत्रतावीर सावरकरजी की मूर्ति को माल्यार्पण

सनातन संस्था की ओर से देहली विश्‍वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा स्थापित स्वतंत्रतावीर सावरकर, नेताजी सुभाषचंद्र बोस एवं भगत सिंह की मूर्तियों को २३ अगस्त को माल्यार्पण कर अभिवादन किया गया, साथ ही उच्च शिक्षा संचलनालय के कार्यालय में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया ।

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी महान हैं तथा उनके द्वारा हाथ में लिया गया कार्य तो पूर्णता को पहुंचने ही वाला है ! – योगऋषी डॉ. स्वामी सत्यप्रकाश

जगद्गुरु योगऋषी डॉ. स्वामी सत्यप्रकाशजी ने अपने मार्गदर्शन में आगे कहा, ‘‘परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के कारण ही यह सब कार्य हो रहा है । वहीं सभी के प्रेरणास्रोत हैं । हम उनके विद्यार्थी हैं ।

साधकों को ज्ञान देने की तडपवाले जगद्गुरु योगऋषी डॉ. स्वामी सत्यप्रकाशजी !

रामनाथी आश्रम में स्वामीजी ने योग, संगीत आदि विषयोंपर मार्गदर्शन किया । उन्हों ने किस विषयपर मार्गदर्शन करना है, यह स्वयं सुनिश्‍चित न कर उसे संबंधित साधकों के पूछ लिया ।