दिन में क्यों नहीं सोना चाहिए ?
दिन और रात, इन दो मुख्य कालों में से रात के समय साधना करने में हमारी शक्ति का अधिक व्यय होता है; क्योंकि इस काल में वातावरण में अनिष्ट शक्तियों का संचार बढ जाता है । इसलिए यह काल साधना के लिए प्रतिकूल रहता है ।
दिन और रात, इन दो मुख्य कालों में से रात के समय साधना करने में हमारी शक्ति का अधिक व्यय होता है; क्योंकि इस काल में वातावरण में अनिष्ट शक्तियों का संचार बढ जाता है । इसलिए यह काल साधना के लिए प्रतिकूल रहता है ।
संध्यासमय, अर्थात् दीप जलानेके समय देवता व तुलसीके समीप दीप जलानेसे घरके चारों ओर देवताओंकी सात्त्विक तरंगोंका सुरक्षाकवच निर्माण होता है ।
उंगलियोंसे दांत स्वच्छ करते समय दांत स्वच्छ होनेके साथ ही मसूडोंका मर्दन अपनेआप होता है तथा वे स्वस्थ रहते हैं ।