श्रीलंका के जाफना शहर के निकट नैनातीवू द्वीप पर और ५१ शक्तिपीठों में एक नागपुषाणी देवी का सुप्रसिद्ध मंदिर !

प्राचीन काल में नैनातीवू को नागद्वीप नाम से पहचाना जाता था । यहां शक्तिपीठ के स्थान पर देवी का एक मंदिर है । उस देवी का नाम नागपुषाणी देवी है ।

देवी महाकाली के आशीर्वाद से संस्कृत में अतुलनीय काव्यरचना करनेवाले महाकवी कालिदास !

कालिदास प्राचीन भारत के एक संस्कृत नाटककार एवं कवि थे । ‘मेघदूत’, ‘रघुवंशम्’, ‘कुमारसंभवम्’ इत्यादि संस्कृत महाकाव्यों के कर्ता इस नाम से वे विख्यात थे ।

जीवन तथा साधना की भी हानि करनेवाले भय को मिटाने के लिए श्रीमती श्‍वेता क्लार्क के प्रयत्न और उन्हें श्रीकृष्ण से मिली सहायता

जनवरी २०१५ में स्पिरिचुुअल साइन्स रिसर्च फाउण्डेशन (एस.एस.आर.एफ.) की ओर से आयोजित कार्यशाला में पूज्य लोलाजी, पूज्य सिरियाक, कुमारी एना ल्यु और श्री मिलुटीन से मिले मार्गदर्शन के कारण मैं भय लगने के मूल तक पहुंची और उसकी व्याप्ति ढूंढकर बही में लिख सकी ।

धनुषकोडी

भारत के दक्षिण-पूर्वी छोर पर हिन्दुओं का एक पवित्र तीर्थक्षेत्र है धनुषकोडी ! यह स्थान पवित्र रामसेतु का उगमस्थान है । गत ५० वषों से हिन्दुओं केे इस पवित्र तीर्थस्थान की स्थिति एक उद्ध्वस्त नगर के समान हो गई है । २२ दिसंबर १९६४ को यह नगर एक चक्रवात में उद्ध्वस्त हुआ था ।

वर्तमान में साधना करना ही धर्माचरण है ! – श्रीमती रीता पाठक, सनातन संस्था

सनातन संस्था द्वारा सुल्तानपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सुल्तानपुर (काशी प्रांत) के सभी छात्र एवं छात्राओं के लिए वर्तमान भारत में धर्माचरण की आवश्यकता विषय पर फेसबुक लाइव के माध्यम से दिनांक ६ मई २०२० को मागदर्शन किया गया ।

हिन्दुओं के आस्थास्थान प्रभु श्रीराम पर हुए आरोपों का खंडन

जब तक प्रभु श्रीराम पर हुए मिथ्या आरोप हम सुनेंगे, तब तक हमें भी सत्य का पता नहीं होगा, तो हमारे मन में श्रीराम के प्रति भाव निर्माण होना कठिन है । इसलिए आज हम इन मिथ्या आरोपों की वास्तविकता आपके सामने रखेंगे । इससे निश्‍चित ही आपके मन की शंका दूर होगी और आप भी ऐसे आरोप करनेवालों का सामना आत्मविश्‍वास के साथ कर सकते हैं ।

संकटकालीन परिस्थिति में सनातन के सात्त्विक उत्पाद उपलब्ध न हों, तो मानस पद्धति से आध्यात्मिक उपाय कर चैतन्य प्राप्त करें !

संकटकालीन स्थिति में जब उपाय के साधन उपलब्ध नहीं होते, ऐसे समय में मानस-उपाय करना सहजता से संभव है ।

बौद्धों द्वारा हिन्दू मंदिरों पर किए गए आक्रमणों का एक उदाहरण श्रीलंका के कैन्डी शहर का बौद्ध मंदिर !

कैन्डी शहर के इस बौद्ध मंदिर के पिछले भाग में एक संग्रहालय है । १७ बौद्ध देशों ने इस संग्रहालय के लिए अपने-अपने देशों से विविध विशेषतापूर्ण वस्तुएं और प्रतिकृतियां (रेप्लिकाज) दी हैं । इस संग्रहालय में भारत का सबसे बडा दालान है ।

श्रीरामनवमी

श्रीराम के जन्म के उपलक्ष्य में श्रीरामनवमी मनाई जाती है । इस दिन जब पुष्य नक्षत्रपर, माध्यान्हके समय, कर्क लग्न में सूर्यादि पांच ग्रह थे, तब अयोध्या में प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ ।

युद्ध काल में सैनिकों की रक्षा के लिए देवताओं की उपासना से भारित धागे उपलब्ध करनेवाले कंबोडिया के राजा !

राष्ट्ररक्षा के लिए उस समय के राजा देवताओं की उपासना कर अपने सेना को तंत्र-मंत्र द्वारा आध्यात्मिक कवच प्रदान करते थे । वे राजा सेना और राष्ट्र की आध्यात्मिकदृष्टि से ध्यान रखते थे, यही इससे दिखाई देता है ।