विजयादशमी का संदेश

विजयादशमी’ हिन्दुओं के देवता और महापुरुषों की विजय का दिन है । ‘आसुरी शक्तियों का पराभव और दैवी शक्तियों की विजय’, यह इस दिन का इतिहास है । इसीलिए इस दिन अपराजितापूजन और सीमोल्लंघन करने की सनातन परंपरा है ।

शक्तिदेवता !

इस वर्ष की नवरात्रि के उपलक्ष्य में हम देवी के इन ९ रूपों की महिमा समझ लेते हैं । यह व्रत आदिशक्ति की उपासना ही है !

नागपंचमी : सब्जी काटना, तलना, चूल्हे पर तवा रखना, भूमि जोतना अथवा भूमिखनन न करने का आधारभूतशास्त्र

नागपंचमी के दिन सब्जी काटना, चीरना, तलना, भूमि जोतना अथवा भूमिखनन इत्यादि कृत्य निषिद्ध हैं; परंतु वर्ष भर में अन्य दिन ये कृतियां करने में कोई बंधन नहीं । नागपंचमी के दिन निषिद्ध कृति न करने का आधारभूत शास्त्र एवं वैसा करने से होनेवाली हानि इस विषय पर विवेचन इस लेख में किया है ।

नागपंचमीपूजन – अर्थासह (भाग २)

प्रस्तुत लेख में नागपंचमीपूजन विधि का दूसरा भाग दिया है । पूजा के मंत्रों का अर्थ समझने पर नागपंचमीपूजन अधिक भावपूर्ण होने में सहायता होती है ।

नागपंचमीपूजन – अर्थासह (भाग १)

‘अपने कुटुंबियों की नागभय से सदासर्वकाल मुक्ति हो, इसके साथ ही नागदेवता का कृपाशीर्वाद प्राप्त हो’, इस हेतु प्रति वर्ष श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी को अर्थात नागपंचमी को नागपूजन किया जाता है ।

गुरुपूर्णिमा के अवसर पर संतों के शुभसंदेश (2022)

भगवान की कृपा प्राप्‍त करने के प्रयास बढाएं ! – श्रीचित्‌शक्‍ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळ
धर्मसंस्‍थापना हेतु स्‍वक्षमता अनुसार योगदान करें ! – श्रीसत्‌शक्‍ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळ

गुरुपूर्णिमा पूजाविधि (मंत्र एवं अर्थसहित) (भाग २)

आषाढ पूर्णिमा अर्थात व्यासपूजन अर्थात गुरुपूर्णिमा । इस दिन ईश्वर के सगुण रूप अर्थात गुरु का मनोभाव से पूजन करते हैं । प्रस्तुत लेख में गुरुपूजन की विधि दी है । पूजा के मंत्रों का अर्थ समझने से पूजन अधिक भावपूर्ण होने में सहायता होती है ।

गुरुपरंपरा पूजन की पूर्वतैयारी

गुरुपरंपरा पूजन के लिए लकडी के पूजाघर अथवा चौकी पर सजावट करें । थर्माकोल की सजावट से अच्छे स्पंदन नहीं आते, इसलिए थर्माकोल का उपयोग न करें ।

गुरुपूर्णिमा निमित्त परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी का संदेश (2022)

संक्षेप में कहा जाए, तो प्रत्येक परिवार को आर्थिक संकटों का सामना करना पडेगा, ऐसी स्थिति आनेवाली है । आगे जाकर इस युद्ध का रूपांतरण विश्वयुद्ध में होनेवाला है । अतः अब तीसरा विश्वयुद्ध भी बहुत दूर नहीं ।