नवसंवत्‍सर निमित्त संदेश

‘चैत्र-प्रतिपदा (गुडीपडवा) पृथ्वी पर युग के आरंभ का दिन है ! साढे तीन मुहूर्तों में एक, आज के दिन, नए कार्य का शुभारंभ किया जाता है । वर्तमान में, भारत में, धर्मनिरपेक्ष राज्य होने के कारण हमें सर्वत्र धर्मग्लानि का अनुभव हो रहा है ।

ब्रह्मध्वजा पर रखे जानेवाले तांबे के कलश का महत्त्व !

आजकल ऐसा देखने को मिलता है कि कुछ लोग ब्रह्मध्‍वजा पर स्‍टील या तांबे का लोटा अथवा घडे के आकारवाला बरतन रखते हैं । धर्मशास्‍त्र के अनुसार ‘ब्रह्मध्‍वजा पर तांबे का कलश उल्‍टा रखने का अध्‍यात्‍मशास्‍त्रीय विवेचन यहां दे रहे हैं । इससे हमारी संस्‍कृति का महत्त्व तथा प्रत्‍येक कृत्‍य धर्मशास्‍त्र के अनुसार करने का महत्त्व समझ में आता है !

आपातकाल में महाशिवरात्रि कैसे मनाएं ?

‘संपूर्ण देश में महाशिवरात्रि बडे उत्‍साह से मनाई जाती है । फाल्‍गुन कृष्‍ण पक्ष चतुर्दशी को शिवजी का व्रत महाशिवरात्रि करते हैं । (इस वर्ष ११ मार्च २०२१ को महाशिवरात्रि है ।) उपवास, पूजा और जागरण महाशिवरात्रि व्रत के ३ अंग हैं ।

कैसे मनाई जाती है देश-विदेश में मकर संक्रांति ?

मकर संक्रांति पूरे भारत में विविध नामों से मनाया जाता है । छत्तीसगढ, गोवा, ओडिशा, बिहार, झारखण्‍ड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, मध्‍यप्रदेश, महाराष्‍ट्र, मणिपुर, राजस्‍थान, सिक्‍किम, उत्तर प्रदेश, पश्‍चिम बंगाल, गुजरात और जम्‍मू आदी राज्‍यों में यह उत्‍सव मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है ।

धनुर्मास की महिमा

१६.१२.२०२० से १३.१.२०२१ तक धनुर्मास था । इस मास के पांच गुरुवार और शुक्रवार अत्यंत महत्त्वपूर्ण होते हैं । चंद्र की संक्रांति की अधिकतावाले इस मास में भगवान की आराधना, भगवान का नामजप, भागवत कथा श्रवण, व्रत, दान, दीपदान, सत्संग और निष्काम कर्म करने का विशेष माहात्म्य है । इस मास में आनेवाली एकादशी को ‘वैकुंठ एकादशी’ कहते हैं । धनुर्मास में इस दिन को सर्वाधिक महत्त्व होता है ।

कोरोना महामारी के कारण उत्‍पन्‍न आपातकालीन स्‍थिति में दीपावली कैसे मनाएं ?

कोरोना महामारी की पृष्‍ठभूमि पर लागू की गई संचार बंदी यद्यपि उठाई जा रही है तथा जनजीवन पूर्ववत हो रहा है, तथापि कुछ स्‍थानों पर सार्वजनिक प्रतिबंधों के कारण सदैव की भांति दीपावली मनाना संभव नहीं हो पा रहा है । ऐसे स्‍थानों पर दीपावली कैसे मनाएं, इससे संबंधित कुछ उपयुक्‍त सूत्र और दृष्‍टिकोण यहां दे रहे हैं ।

दीपावली का वैश्विक स्वरूप !

नौकरी-व्‍यवसाय के उपलक्ष्य में पूरे विश्‍व में फैले भारतीय लोगों ने दीपावली के त्‍योहार को पूरे विश्‍व में प्रसारित कर दिया है । अन्‍य राष्‍ट्रों में दीपावली का त्‍योहार कैसे मनाया जाता है और उसे मनाते समय भारत की अपेक्षा उनमें क्‍या अलग होता है, इस लेख से हम इसे जानेंगे ।

कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न आपातकालीन स्थिति में नवरात्रोत्सव कैसे मनाना चाहिए ?

कोरोना महामारी की पृष्ठभूमि पर लागू की गई यातायात बंदी, साथ ही अन्य प्रतिबंधों के कारण कुछ स्थानों पर सामान्य की भांति नवरात्रोत्सव मनाने पर मर्यादाएं आनेवाली हैं ।

अधिक अथवा ‘पुरुषोत्तम मास’ का महत्त्व, इस अवधि में किए जानेवाले व्रत, पुण्य कारक कृत्य और इन्हें करने का अध्यात्मशास्त्र !

अधिक मास किसी बडे पर्व की भांति होता है । इसलिए इस मास में धार्मिक कृत्‍य किए जाते हैं और ‘अधिक मास महिमा’ ग्रंथ का वाचन किया जाता है ।

कोरोना महामारी के काल में श्री गणेशमूर्ति का आगमन, पूजन और विसर्जन !

वर्तमान में कोरोना और तत्सम आपातकाल में भी हिन्दू धर्म में धर्माचरण के कुछ विकल्प बताए हैं । वे विकल्प कौन-से हैं ? इस विषय में जानने के लिए ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि और सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस से भेंटवार्ता हुई ।