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लक्ष्मीदेवीतत्त्व आकर्षित करनेवाली रंगोलियां

मंगलवार, शुक्रवार, कोजागरी पूर्णिमा, धनत्रयोदशी, यमदीपदान, देवदीपावली एवं श्री लक्ष्मीपूजनके शुभ प्रसंगमें लक्ष्मीतत्त्व की रंगोलियां बनाएं ।

श्री दुर्गादेवीतत्त्व आकर्षित करनेवाली सात्त्विक रंगोलियां

विशेषकर मंगलवार एवं शुक्रवारके दिन देवीपूजनसे पूर्व तथा नवरात्रिकी कालावधिमें घर अथवा देवालयोंमें देवीतत्त्व आकृष्ट  एवं प्रक्षेपित करनेवाली सात्त्विक रंगोलियां बनाएं ।

प्राचीन काल से विविध योगमार्गों के अनुसार साधना करनेवाले ऋषिमुनियों का आध्यात्मिक महत्त्व !

ऋषि अथवा मुनि कहनेपर हमारे हाथ अपनेआप जुड जाते हैं और मस्तक सम्मान से झुक जाता है । इस भरतखण्ड में कई ऋषियों ने विविध योगमार्गों के अनुसार साधना कर भारत को तपोभूमि बनाया है ।

नागों का आध्यात्मिक महत्त्व एवं नागपंचमी

कलियुग के आरंभतक विविध स्थानों के देवताओं के लिए स्वतंत्र स्थान दिया जाता था, उदा. स्थानदेवता, ग्रामदेवता, क्षेत्रपालदेवता इत्यादि । उसी प्रकार से भारत के प्रत्येक गांव में नागों को रहने के लिए नागवन थे ।

दीप अमावस्या को नाली अमावस्या कहकर टोकनेवाले धर्मद्रोही विचारों का खण्डन !

हिन्दू इस त्योहार के प्रति लोगों में जागृति लाकर आज इस त्योहार को जो विकृत स्वरूप प्राप्त हुआ है, उसे रोकने हेतु प्रयास करें । हिन्दुओं को इस माध्यम से हमारे त्योहार और संस्कृति का सम्मान करने हेतु संगठित होना चाहिए ।

गणेशतत्त्व आकर्षित करनेवाली रंगोलियां

नित्य उपासना में भाव अथवा सगुण तत्वकी, तथापि गणेशाेत्सव में आनंद अथवा निर्गुण तत्त्वकी रंगोलियां बनाएं ।

अशून्यशयन व्रत

इस दिन शेषशय्यापर विराजमान श्रीवत्स चिन्हांकि, ४ भुजाओं से युक्त एवं लक्ष्मीजीसहित विराजमान श्री नारायणजी का पूजन किया जाता है ।

भावभक्ति की अनुभूति करानेवाली पंढरपुर की वारी

व्यक्तिगत जीवन के अभिनिवेष बाजू में रखकर ईश्वर के नामस्मरण में देहभान भूलानेवाला एक आध्यात्मिक समारोह है पंढरपुर की पैदल यात्रा (वारी) !

गुरुपूर्णिमा निमित्त परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी का संदेश

आगामी महाभीषण आपातकाल में अपनी तथा समाज बांधवों की सुविधा और सुरक्षा के विषय में उन्हें बताकर उनकी उस दृष्टि से तैयारी करवाना, गुरु को अपेक्षित कालानुसार आज्ञापालन ही होगा ।