‘मनुष्य का जन्म साधना कर ईश्वरप्राप्ति हेतु ही होता है’ इस विषय पर परात्पर गुरु पांडे महाराजजी द्वारा दिया विविध धर्मग्रंथों के श्लोकों का संदर्भ और विवेचन ! 

मानव का ध्येय क्या है ? ‘मनुष्य जन्म दुर्लभ है । विविध स्वरूपों से भगवान बताते हैं कि ‘मनुष्यजन्म लेकर ईश्वरप्राप्ति करनी है’ ।

सिरदर्द पर (Headache) होमियोपैथी औषधियों की जानकारी

डोकेदुखीची विविध कारणे, तिची लक्षणे आणि तिच्यावर उपलब्ध असलेल्या विविध औषधांची माहिती या लेखात देण्यात आली आहे

नियमितरूप से प्राणायाम, व्यायाम एवं योगासन कर शरीर की प्रतिकार क्षमता बढाएं !

उसके बिना हमारा घर नहीं चल सकता । व्यावहारिकदृष्टि से जैसे यह आवश्यक है, वैसे ही अपनी देह चलाने के लिए उसमें योग्य मात्रा में प्राणशक्ति (चेतनाशक्ति) प्रवाहित होना

और उसका नियमन होना अत्यंत आवश्यक है । उसके लिए संतुलित आहार का सेवन, योग्य दिनचर्या का पालन और नियमित व्यायाम करना आवश्यक होता है । इससे चेतनाशक्ति कार्यरत रहने में सहायता होती है ।

शरीर को मर्दन करने की शास्त्रीय दृष्टि से योग्य पद्धति एवं मर्दन के लाभ !

शरीर की क्षमता से अधिक परिश्रम करने पर, एकाएक आपातकालीन कृति करनी पड जाए अथवा कृति अनुचित पद्धति से की जाए तो अपने स्नायु थक जाते हैं अथवा उनमें अकडन उत्पन्न हो जाती है । ऐसे समय पर उनमें अशुद्ध द्रव्य निर्माण होते हैं । वे शरीर की वाहिनियों में पूर्णरूप से अवशोषित नहीं होते अथवा धीरे-धीरे अवशोषित होते हैं । इससे स्नायुओं में वेदना होने लगती है ।

कंधों का दर्द होने पर किए जानेवाले कुछ महत्त्वपूर्ण व्यायामप्रकार

आपातकाल में वैद्य अथवा औषधि मिलने की निश्चती न होने से बीमारी टालने के लिए अथवा नियंत्रण में रखने के लिए अभी से हम सभी ये व्यायामप्रकार करना प्रारंभ करेंगे ।

सदैव निरोगी रहने के लिए नारियल के तेल का उपयोग करें !

नारियल का तेल यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ रखे, तो दूसरी किसी भी औषधि की आवश्यकता ही नहीं पडेगी । केवल एक बात ध्यान रखनी है कि यह तेल काेल्हू में पिरोया गया और बिना गरम किए हो । सूखे हुए नारियल कोल्हू में पिरोए गए हों और उस पर कोई भी रासायनिक प्रक्रिया न की गई हो,

पंचकर्म : आयुर्वेद की महत्त्वपूर्ण चिकित्सा !

आयुर्वेद का प्रमुख उद्देश्य निरोगी मनुष्य के स्वास्थ्य की रक्षा करना और रोगी मनुष्य को रोगमुक्त करना है । पंचकर्म इसे साध्य करने का एक साधन है । रोगों से मुक्ति और निरोगी, दीर्घायुष्य देनेवाले यह एक आयुर्वेद की स्वतंत्र और विशेष चिकित्सापद्धति है ।

धारूहेड़ा (हरियाणा) में नवरात्रि के पावन अवसर पर सनातन संस्था की ओर से प्रवचन और देवी मां की कुमकुमार्चन विधि का आयोजन !

सनातन संस्था ओर से धारूहेड़ा के सोसाइटी बेस्टेक सिटी के मंदिर में   प्रवचन और नामजप का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत नवरात्रि शास्त्र अनुसार कैसे मनाएं, अखंड दीप क्यों जलाना चाहिए,

मथुरा (उत्तर प्रदेश) के अशोका सिटी सोसाइटी में सनातन संस्था द्वारा नवरात्रि के अवसर पर विषय प्रस्तुत

दिनांक 26.9.2025 और 27.9.2025 को सनातन संस्था की ओर से अशोका सिटी सोसाइटी की जिज्ञासुओं के घर में नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रवचन और सामूहिक नामजप का आयोजन किया गया ।

फरीदाबाद (हरियाणा) में सनातन संस्था द्‍वारा महालय श्राद्ध के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में प्रवचन का आयोजन !

सैनिक कॉलोनी, एस.जी.एम नगर, बल्लभगढ़, शिवाजी पार्क तथा धारूहेड़ा के सोसाइटी में श्राद्ध विषयक प्रवचन का आयोजन किया गया । विशेष सोसाइटी के जिज्ञासुओं ने मिलकर प्रतिदिन एक एक घर में ‘श्री गुरुदेव दत्त’ का सामूहिक नामजप भी किया ।