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‘अध्यात्मशास्त्र आचरण में लाकर मानवजाति का कल्याण हो’, इस उद्देश्य से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने अध्यात्म, साधना, देवताओं की उपासना, संस्कृति का पालन, राष्ट्ररक्षा, धर्मजागृति और हिन्दू राष्ट्र जैसे विविध विषयों पर ३६९ ग्रंथों का संकलन किया है ।
