नारियल के तेल के विषय में अनेक अफवाहें फैली हैं, उदा. नारियल का तेल खाने से कॉलेस्टेरॉल बढता है । वास्तव में, नारियल का तेल यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ रखे, तो दूसरी किसी भी औषधि की आवश्यकता ही नहीं पडेगी । केवल एक बात ध्यान रखनी है कि यह तेल काेल्हू में पिरोया गया और बिना गरम किए हो । सूखे हुए नारियल कोल्हू में पिरोए गए हों और उस पर कोई भी रासायनिक प्रक्रिया न की गई हो, यदि ऐसा तेल मिल जाए तो सबसे अच्छा है ।
१. प्रतिदिन भोजन में कच्चे नारियल का तेल उपयोग से होनेवाले लाभ
प्रतिदिन दोपहर और रात्रि भोजन में १-२ चम्मच नारियल का कच्चा तेल लें । इसके साथ ही भोजन के तुरंत बाद १-२ चम्मच यह तेल पीएं । इससे आगे दिए लाभ होते हैं ।
अ. कभी भी बद्धकोष्ठता नहीं होती । तेल के कारण आंतों को चिपका मल छूटता है और आंतों की शक्ति बढती है ।
आ. पचन में सुधार और इससे वात का कष्ट नहीं होता ।
इ. शरीर के सभी जोडों को स्नि्गधता मिलती है और हड्डियों की क्षरण (erosion) थम जाता है ।
ई. नारियल का तेल ठंडा होने से यानी उष्णता के विकार भी दूर होते हैं ।
उ. इस तेल के कारण कैल्शियम की कमी दूर होती है । शरीरस्वास्थ्य सुधरने से शरीर अन्न से हमें जो भी घटक आवश्यक हैं, उन्हें अवशोषित करने लगता है । इससे जीवनसत्त्व और खनिज की न्यूनता दूर होने में सहायता होती है ।
ऊ. शरीर सुदृढ और सुडौल बनता है । (कच्चे नारियल के तेल से मोटापा नहीं बढता ।)
२. नारियल तेल – एक बहुगुणी औषधि !
२ अ. खांसी और दमा में लाभदायक
सातत्य से खांसी आना, सांस फूलना जैसे विकारों में यह तेल दिन में २-३ बार १-२ चम्मच पीएं । इससे खांसी का दौर शीघ्र ही थम जाता है ।
२ आ. धूल की एलर्जी पर रामबाण उपाय
जिन्हें धूल की एलर्जी है, ऐसे लोग दिन में ५-६ बार नारियल के तेल की बोतल में छोटी उंगली डुबाकर उस पर लगे हुए तेल को नथुनों के अंदर लगाएं । ऐसा करने से नाक में आनेवाली धूल उस तेल से चिपक जाने से श्वसनमार्ग में नहीं जाती और धूल से होनेवाले कष्ट कम हो जाते हैं ।
२ इ. शांतनिद्रा के लिए सरल घरेलु उपचार
जिन्हें नींद नहीं आती, ऐसे व्यक्तियों को प्रतिदिन रात में सोने से पहले नारियल के तेल का आगे दिए अनुसार उपयोग करना चाहिए ।
१. १ चम्मच नारियल के तेल से सिर के तालू पर हलके-हलके मालिश करें । पहले ब्रह्मरंध्र के स्थान पर ५ – १० मिनट थपकियां मारें और फिर हलके हाथों से मालिश करें ।
२. तेल की बोतल में दाएं हाथ की छोटी उंगली डुबोकर उस पर लगा हुआ तेल दोनों नथुनों में अंदर से लगाएं । उसके बाद एक के बाद दूसरा नथुना बंद कर, खुले हुए नथुने से १ लंबी श्वास लें । गले में आया तेल थूक दें ।
३. तदुपरांत एक करवट पर लेटें । तब ऊपर आनेवाल कान तेल से भर लें ।
४. १-२ मिनट उसी करवट लेटे रहें ।
५. तदुपरांत कान में से निकले तेल को हाथ पर लेकर अपने तलुवों पर लगा कर, १-२ मिनट तलुवे एकदूसरे पर घिसें । यदि तलुवे एकदूसरे पर घिसना संभव न हो, तो हाथों से तेल मालिश करें ।
६. इसी प्रकार से फिर करवट बदलकर (दूसरे करवट लेटकर) ऊपर आनेवाले कान को तेल से भरें और १-२ मिनट तक पुन: पहले समान कान का तेल हाथ पर लेकर दोनों पैरों की पिंडलियों पर लगाकर नीचे से ऊपर की दिशा में मालिश करें ।
२ ई. त्वचा का स्वास्थ्य रखनेवाले नारियल तेल का अभ्यंग
प्रतिदिन सवेरे स्नान से पहले संपूर्ण शरीर को नारियल का तेल लगाने से त्वचा का सूखापन दूर होता है और सभी जोडों को स्निग्धता मिलती है ।
२ उ. केश के लिए पोषक
जिनके बाल झडते हैं वे नियमितरूप से केश की जडों में नारियल तेल लगाएं । इससे केश को उत्तम पोषण मिलता है । बाजार मेें किसी भी तेल की तुलना में नारियल तेल अधिक लाभदायी है ।
२ ऊ. सिरदर्द से छुटकारा
जो हमेशा सिर पर भरपूर (नारियल) तेल लगाएगा उसे कभी सिरदर्द नहीं होगा, ऐसा चरक ऋषि ने बताया है ।
३. कच्चे नारियल तेल से कॉलेस्टेरॉल नहीं बढता
कच्चे नारियल तेल में ‘लॉरिक एसिड’ नामक घटक होता है । इससे कॉलेस्टेरॉल कम होने में सहायता होती है । इसलिए ‘नारियल तेल से कॉलेस्टेरॉल बढता है’, यह धारणा गलत है ।
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