सनातन के साधक और हिन्दू जनजागृति समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा कोलकाता के श्री सत्यानंद महापीठ के स्वामी मिगरानंद महाराज से भेंट

स्वामीजी ने समिति और संस्था के कार्य की प्रशंसा की, साथ ही विगत ३५ वर्षों से वे अपने स्तरपर हिन्दू राष्ट्र के लिए कार्यरत हैं, इसकी जानकारी भी दी ।

चेन्नई में सनातन के समर्थनार्थ हिन्दुत्वनिष्ठ नेता एकत्रित हुए !

चेन्नई यहां स्थित कुयपेट्टई में शिवसेना की आेर से हाल ही में आयोजित बैठक में हिन्दुत्वनिष्ठ नेताआें ने सनातन संस्था को समर्थन दर्शाया ।

हिन्दुत्वनिष्ठ सनातन संस्था के समर्थन में विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन एकत्रित आए !

सनातन संस्था समाज सहायता तथा राष्ट्ररक्षा का कार्य करती है । उसके साथ ही हिन्दू समाज को धर्मशिक्षा देती है ।

देवता को चित्र-विचित्र रूप में दिखाकर देवता की अवकृपा ओढ न लें !

धर्महानि रोकना कालानुसार आवश्यक धर्मपालन है और वह उस देवता की समष्टि स्तर की साधना ही है । बिना इस उपासना के देवता की उपासना पूर्ण नहीं हो सकती है ।

सनातन संस्था अपना पक्ष प्रसारमाध्यमों के माध्यम से लोगों के समक्ष प्रस्तुत करे ! – डॉ. प्रमोद सावंत, सभापति, गोवा विधानसभा

सनातन संस्था अपना पक्ष प्रसारमाध्यमों के माध्यम से लोगों के समक्ष प्रस्तुत करे, एेसा आवाहन डॉ. प्रमोद सावंत ने किया ।

(कहते हैं) सनातन के गोवा स्थित अड्डे का अन्वेषण करें !’

अंनिस के डॉ. नरेंद्र दाभोलकर, कॉ. गोविंद पानसरे, कलबुर्गी एवं गौरी लंकेश की हत्या सनातन द्वारा हुई है, ऐसा अन्वेषण तंत्र से स्पष्ट हुआ है ।

धर्मशास्त्र समझकर गणेशोत्सव मनाएं एवं आध्यात्मिक दृष्टि से उत्सव का लाभ उठाएं ! – विवेक पेंडसे, सनातन संस्था

गोवा दूरदर्शन पर्यावरण, स्वास्थ्य, महिलाआेंकी सुरक्षा, शिक्षा, उत्सव आदि अनेक विषयों पर समाज से सीधे संवाद करने के लिए लाइव फोन इन कार्यक्रम का आयोजन करता है ।

गोरक्षक वैभव राऊत की बंदी को निमित्त बनाकर कुछ राजकीय नेता एवं प्रसिद्धिमाध्यमों द्वारा सनातन संस्था की जानबूझकर अपकीर्ति करने के पश्‍चात भी सर्वसामान्य जनता का संस्था के प्रति विश्‍वास !

प्रसिद्धिमाध्यमों ने समाचार, चर्चासत्र आदि द्वारा सनातन की भले ही कितनी भी अपकीर्ति की हो, तब भी सामान्य जनता सनातन का समर्थन करती है और उसे संस्था पर विश्वास भी है ।

कश्मीरी संस्कृति का भारतीयता !

पांचों खंडों और भूमंडल में पवित्रतम भूमि है, भारतवर्ष ! अनेक ऋषि-मुनियों, अवतारों और विद्वज्जनों के पावन स्पर्श ने इस भारतभूमि को गौरवशाली बनाया है ।