शास्त्रानुसार बनाई गई पर्यावरणपूरक श्री गणेशमूर्ति बहते पानी में विसर्जित करना ही धर्मसम्मत है ! – सनातन संस्था

धर्मशास्त्रों में ‘श्री गणेशमूर्ति शाडूमिट्टी अथवा चिकनी मिट्टी से बनी और प्राकृतिक रंगों से रंगी हुई होनी चाहिए, तथा मूर्ति और निर्माल्य का विसर्जन बहते पानी में करना चाहिए’, ऐसा ‘पूजासमुच्चय’ एवं ‘मुद्गलपुराण’ ग्रंथों में कहा गया है ।

सनातन संस्था का ‘राष्ट्र एवं धर्म का कार्य बहुत ही प्रशंसनीय ! – विनय तेंडुलकर, गोवा प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा

भाजपा के गोवा प्रदेशाध्यक्ष श्री. विनय तेंडुलकर ने कहा, ‘‘सनातन संस्था राष्ट्र एवं धर्म का कार्य करती है । यह कार्य बहुत ही प्रशंसनीय है ।

पुणे जिले में सनातन के विविध उपक्रमों का समाज द्वारा बढता प्रत्युत्तर !

नेरे (तहसील भोर) के बालसिद्धेश्वर गणेशोत्सव मंडल में सनातन संस्था की ओर से लिए गए ‘ज्येष्ठ गौरी तथा श्री गणेशपूजन का अध्यात्मशास्त्र’ प्रवचन में ५०० से भी अधिक, अर्थात पूरा गांव ही उमडा था ।

भाव का मूर्तिमंत उदाहरण बने तथा समाज में विद्यमान लोगों को आदरणीय प्रतीत होनेवाले सनातन के ७४वें संत पू. प्रदीप खेमकाजी !

पू. प्रदीपभैय्या का आध्यात्मिक स्तर जब ६१ प्रतिशत हुआ था, उस समय उनके एक निकट के मित्र ने कहा, प्रदीप हमें सदैव साधना के विषय में बताता था; परंतु हमने उसे समझ में नहीं लिया, यह अब ध्यान में आ रहा है । वह जो बता रहा है, वह कुछ अलग ही है और उससे हमारे जीवन में परिवर्तन आनेवाला है ।

सनातन संस्था के धर्मकार्य में उत्पन्न बाधाएं दूर हों; इसके लिए सनातन के रामनाथी, गोवा के आश्रम में कालभैरव यंत्र का पूजन

सद्गुुरु श्रीमती बिंदा सिंगबाळजी तथा सद्गुुरु श्रीमती अंजली गाडगीळजी के हस्तों संकल्प लेने के पश्चात कालभैरव यंत्र को शोडशोपचारों के साथ पूजन किया गया ।

सनातन के साधक और हिन्दू जनजागृति समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा कोलकाता के श्री सत्यानंद महापीठ के स्वामी मिगरानंद महाराज से भेंट

स्वामीजी ने समिति और संस्था के कार्य की प्रशंसा की, साथ ही विगत ३५ वर्षों से वे अपने स्तरपर हिन्दू राष्ट्र के लिए कार्यरत हैं, इसकी जानकारी भी दी ।

चेन्नई में सनातन के समर्थनार्थ हिन्दुत्वनिष्ठ नेता एकत्रित हुए !

चेन्नई यहां स्थित कुयपेट्टई में शिवसेना की आेर से हाल ही में आयोजित बैठक में हिन्दुत्वनिष्ठ नेताआें ने सनातन संस्था को समर्थन दर्शाया ।

हिन्दुत्वनिष्ठ सनातन संस्था के समर्थन में विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन एकत्रित आए !

सनातन संस्था समाज सहायता तथा राष्ट्ररक्षा का कार्य करती है । उसके साथ ही हिन्दू समाज को धर्मशिक्षा देती है ।

देवता को चित्र-विचित्र रूप में दिखाकर देवता की अवकृपा ओढ न लें !

धर्महानि रोकना कालानुसार आवश्यक धर्मपालन है और वह उस देवता की समष्टि स्तर की साधना ही है । बिना इस उपासना के देवता की उपासना पूर्ण नहीं हो सकती है ।

सनातन संस्था अपना पक्ष प्रसारमाध्यमों के माध्यम से लोगों के समक्ष प्रस्तुत करे ! – डॉ. प्रमोद सावंत, सभापति, गोवा विधानसभा

सनातन संस्था अपना पक्ष प्रसारमाध्यमों के माध्यम से लोगों के समक्ष प्रस्तुत करे, एेसा आवाहन डॉ. प्रमोद सावंत ने किया ।