सनातन संस्था > Quotes > संताें की सीख > आध्यात्मिक > ‘राजनेता तथा आरक्षणकर्ता स्वार्थ सिखाते हैं, तो गुरु.. ‘राजनेता तथा आरक्षणकर्ता स्वार्थ सिखाते हैं, तो गुरु.. Share this on : ‘राजनेता तथा आरक्षणकर्ता स्वार्थ सिखाते हैं, तो गुरु केवल स्वार्थत्याग ही नहीं, अपितु सर्वस्व का त्याग करना सिखाते हैं !’ Share this on : संबंधित लेख भावजागृति के प्रयत्न करना, यह अपनी भावनाओं का समाप्त करने का उत्तम साधन !ज्ञानप्राप्ति के संदर्भ में भक्तिमार्ग का महत्त्व‘सब कुछ भगवान ही करते हैं’, यह भाव होगा, तो कुछ भी करते समय और...वैराग्य क्या है ?सत्सेवा का महत्त्वअनेक से एक में जाना