भावजागृति के प्रयत्न करना, यह अपनी भावनाओं का समाप्त करने का उत्तम साधन !

‘भूतकाल के स्मरण में न रमते हुए, उससे सकारात्मक ऊर्जा लेकर हमें वर्तमानकाल में रहना है । ऐसा करने से अपनी भावना समाप्त हो जाती हैं । अन्यथा वे हमें माया में फंसा देती हैं । भावजागृति के प्रयत्न करना, यह अपनी भावनाओं को समाप्त करने का उत्तम साधन है ।’

– श्रीचित्‌शक्‍ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळ

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