अध्यात्म को छोडकर कोई भी विषय सात्त्विक, सज्जन, धर्मप्रेमी एवं राष्ट्रप्रेमी कैसे होना है, यह सिखाता है क्या ? ऐसा न होते हुए भी स्वतंत्रता के पश्चात के ७० वर्षों की अवधि में राज्य करनेवाले सर्वदलीय राज्यकर्ताआें ने अध्यात्म को छोडकर अन्य सभी विषयों को सिखाकर इस देश का विनाश किया है ।
भावजागृति के प्रयत्न करना, यह अपनी भावनाओं का समाप्त करने का उत्तम साधन !
ज्ञानप्राप्ति के संदर्भ में भक्तिमार्ग का महत्त्व
सत्सेवा का महत्त्व