हमें ध्यान में आई अच्छी-बुरी बातें अन्यों को बताने से हममें भी परिवर्तन होता है !

‘कोई बात मैं नहीं करता; तो उसे दूसरों को करने के लिए कैसे कहूं ?’, ऐसा विचार न करें । जब तुम कोई अच्छी बात अथवा चूक ध्यान में आनें- पर सहायता के रूप में दूसरों को तुरंत बताते हैं, तब आपकी लगन के कारण आप पर भी उसका परिणाम होता है ।’

– श्रीचित्‌शक्‍ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळ

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