विचारों से ही विचारों को युद्ध करना चाहिए । मन में भावनिक विचार आने पर तुरंत ही सनातन संस्था द्वारा प्रकाशित किए गए किसी भी ग्रंथ का पृष्ठ खोलकर पढें । मन मे भावना के विचार नष्ट हो जाते हैं और मन में सत के विचार आएंगे ।
– श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळ
भावजागृति के प्रयत्न करना, यह अपनी भावनाओं का समाप्त करने का उत्तम साधन !
ज्ञानप्राप्ति के संदर्भ में भक्तिमार्ग का महत्त्व
सत्सेवा का महत्त्व