सनातन संस्था > Quotes > संताें की सीख > आध्यात्मिक > समष्टि मौन समष्टि मौन Share this on : ‘अनावश्यक न बोलना, अर्थात खरे अर्थ में समष्टि मौन !’ – श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळ Share this on : संबंधित लेख भावजागृति के प्रयत्न करना, यह अपनी भावनाओं का समाप्त करने का उत्तम साधन !ज्ञानप्राप्ति के संदर्भ में भक्तिमार्ग का महत्त्व‘सब कुछ भगवान ही करते हैं’, यह भाव होगा, तो कुछ भी करते समय और...वैराग्य क्या है ?सत्सेवा का महत्त्वअनेक से एक में जाना