सनातन संस्था > Quotes > संताें की सीख > आध्यात्मिक > दैवी गुणोंसहित कर्म करने पर साधना होती है । दैवी गुणोंसहित कर्म करने पर साधना होती है । Share this on : दैवी गुणोंसहित कर्म करने पर साधना होती है । श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळ Share this on : संबंधित लेख भावजागृति के प्रयत्न करना, यह अपनी भावनाओं का समाप्त करने का उत्तम साधन !ज्ञानप्राप्ति के संदर्भ में भक्तिमार्ग का महत्त्व‘सब कुछ भगवान ही करते हैं’, यह भाव होगा, तो कुछ भी करते समय और...वैराग्य क्या है ?सत्सेवा का महत्त्वअनेक से एक में जाना