सनातन संस्था > Quotes > संताें की सीख > आध्यात्मिक > निःस्वार्थी ईश्वर और स्वार्थी मानव निःस्वार्थी ईश्वर और स्वार्थी मानव Share this on : ‘ईश्वर भूमि, जल, हवा आदि सभी निःशुल्क देते हैं; परंतु मानव प्रत्येक वस्तु बेचता है !’ -(परात्पर गुरु) डॉ. जयंत आठवले Share this on : संबंधित लेख भावजागृति के प्रयत्न करना, यह अपनी भावनाओं का समाप्त करने का उत्तम साधन !ज्ञानप्राप्ति के संदर्भ में भक्तिमार्ग का महत्त्व‘सब कुछ भगवान ही करते हैं’, यह भाव होगा, तो कुछ भी करते समय और...वैराग्य क्या है ?सत्सेवा का महत्त्वअनेक से एक में जाना