‘विज्ञान को अधिकतर कुछ ज्ञात न होने के कारण किसी सिद्धांत को सिद्ध करने के लिए शोध करना पड़ता है । इसके विपरीत अध्यात्म में सर्व ज्ञान होने के कारण वैसा नहीं करना पड़ता । अध्यात्म में संशोधन इस वैज्ञानिक युग में वर्तमान पीढ़ी का अध्यात्म पर विश्वास बिठाने और उसे अध्यात्म की ओर अग्रसर करने के लिए करना पड़ता है ।’
-(परात्पर गुरु) डॉ. जयंत आठवले
भावजागृति के प्रयत्न करना, यह अपनी भावनाओं का समाप्त करने का उत्तम साधन !
ज्ञानप्राप्ति के संदर्भ में भक्तिमार्ग का महत्त्व
सत्सेवा का महत्त्व