अध्यात्म की तुलना में विज्ञान आंगनवाडी समान है ! अनेक वर्ष शोध करने के उपरांत वैज्ञानिक किसी निष्कर्ष पर पहुंचते हैं । कुछ वर्षों में उसी सदंर्भ में नया शोध होता है और पहले के शोध भुला दिए जाते हैं । इसके विपरीत अध्यात्म में कोई शोध नहीं करना होता । ईश्वर से योग्य ज्ञान अपनेआप ही प्राप्त होता है और वह चिरतंन सत्य होने के कारण उसमें कभी भी परिवर्तन नहीं होता । इससे ध्यान में आता है कि अध्यात्म की तुलना में विज्ञान आंगनवाडी समान है !
-(परात्पर गुरु) डॉ. जयंत आठवले
भावजागृति के प्रयत्न करना, यह अपनी भावनाओं का समाप्त करने का उत्तम साधन !
ज्ञानप्राप्ति के संदर्भ में भक्तिमार्ग का महत्त्व
सत्सेवा का महत्त्व