परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का विविध क्षेत्रों में शोधकार्य
परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के मार्गदर्शन में हिन्दू आचार, आहार, वेशभूषा, केशभूषा, धार्मिक विधियां, यज्ञ, नामजप, मुद्रा, न्यास, श्रीयंत्र आदि का व्यक्ति, वस्तु एवं वातावरण पर होनेवाले परिणामों के विषय में विविध वैज्ञानिक उपकरणों द्वारा शोधकार्य शुरू है ।
