नवम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ का उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन !

हिन्‍दू धर्म पर होनेवाले वैचारिक आक्रमणों का सामना करने के लिए वैचारिक क्षत्रियों की नितांत आवश्‍यकता है ! – पू. स्‍वामी गोविंददेवगिरी महाराज
हिन्दुओ, अब काशी, मथुरा और हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु सक्रिय हो जाओ ! – विधायक श्री. टी. राजासिंह

नवम अखिल भारतीय हिंदु राष्‍ट्र अधिवेशन का छठा दिन

अंग्रेजी शिक्षा के मोहवश कुछ हिन्दू अभिभावक अपने छोटे बच्चों को ईसाई विद्यालय में भरती करते हैं । यहीं से धर्मांतरण प्रारंभ होता है ।

‘ऑनलाइन’ नवम अखिल भारतीय हिन्‍दू राष्‍ट्र अधिवेशन का पांचवे दिन ‘मंदिर रक्षा अभियान’ विषय पर उद़्‍बोधन सत्र

आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में ‘एण्डोवमेंट एक्ट’के माध्यम से मंदिरों की संपत्ति हडपना जारी है । मंदिरों की लाखों एकड भूमि गायब हो गई है अथवा कुछ भूमि का उपयोग सरकारी कामोंके लिए किया गया है ।

‘ऑनलाइन’ नवम अखिल भारतीय हिन्‍दू राष्‍ट्र अधिवेशन का चौथा दिन

देहली दंगा, साथ ही शाहीन बाग का आंदोलन तो शहरी नक्‍सली और जिहादी आतंकियों द्वारा देश में अराजकता फैलाने हेतु किया गया प्राथमिक स्‍तर (पाईलट एक्‍सपेरिमेंट) का प्रयोग था ।

नवम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ के दूसरे दिन हिन्दुओं पर हो रहे आघातों संबंधी विचारमंथन !

वास्तव में ‘सेक्युलर’ भारत में इस्लामी आर्थिकनीति को बढावा देनेवाली ‘हलाल सर्टिफिकेट’ की व्यवस्था ८० प्रतिशत हिन्दुओं पर लादा गया ‘जजिया कर’ ही है और उसे निरस्त करने हेतु हिन्दुओं को संगठित होना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने किया ।

हिन्‍दुुत्‍वनिष्‍ठों के अपूर्व उत्‍साह में ‘ऑनलाइन’ नवम ‘अखिल भारतीय हिन्‍दू राष्‍ट्र अधिवेशन’ का उद़्‍घाटन

शंखनाद और वेदमंत्र का पाठ कर ‘ऑनलाइन’ पद्धति से आयोजित नवम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ का आरंभ हुआ ।

हिन्दू धर्म के व्यापक अभ्यासी डॉ. शिबनारायण सेन संतपद पर विराजमान !

अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में १ जून को कोलकाता (बंगाल) की शास्त्र धर्म प्रचार सभा के ‘ट्रुथ’ पाक्षिक के संपादक तथा हिन्दू धर्म के व्यापक अभ्यासी डॉ. शिबनारायण सेन के संतपद पर विराजमान होने का, तो तेजपुर (असम) की श्रीमती राणू बोरा तथा हावडा (बंगाल) के श्री. अनिर्बान नियोगी द्वारा ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त किए जाने की घोषणा की गई ।

प्रभु श्रीराम के प्रति उत्कट भाव एवं राममंदिर निर्माण के लिए समर्पित अधिवक्ता हरि शंकर जैन संतपद पर विराजमान !

अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में संतपद प्राप्त करनेवाले पू. (अधिवक्ता) हरि शंकर जैनजी प्रथम हिन्दुत्वनिष्ठ है ! साथ हि उनके सुपुत्र अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन (३३ वर्ष) एवं उनके पोते ‘दैवी बालक’ चि. वृषांक (१ वर्ष १० मास) का भी ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर घोषित किया गया ।

बेंगळूरु (कर्नाटक) के अधिवक्ता विजयशेखर ने प्राप्त किया ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर !

शांत एवं विनम्र स्वभाववाले, प्रामाणिक वृत्ति के और अन्याय के विरुद्ध लडने की लगन रखनेवाले बेंगळूरु (कर्नाटक) के अधिवक्ता विजयशेखर ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त कर, जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हुए ।नातन संस्था के कर्नाटक राज्य धर्मप्रसारक पू. रमानंद गौडा के शुभहस्तों श्रीकृष्ण की प्रतिमा भेंट देकर उनका सत्कार किया गया ।