साधकों, जो कुछ होता है, वह अच्छे के लिए ही होता है और हम अपने मन को सतत ईश्वर के सान्निध्य में रहना सिखाएंगे तो उससे हमारी साधना होती है !
‘मेरी ओर कोई ध्यान नहीं देता’, ऐसा विचार नहीं करना है । हम जो कुछ भी करते हैं, उस प्रत्येक बात का लेखा-जोखा भगवान के पास होता है । हमें ऐसा लगना; अर्थात अपने मन में असुरक्षितता की भावना है । हमारे संदर्भ में जो कुछ भी होता है, वह अच्छे के लिए ही होता … Read more