गौरीगद्दे (कर्नाटक) के अवधूत विनयगुरुजी की रामनाथी (गोवा) स्थित सनातन आश्रम को सदिच्छा भेंट !

गौरीगद्दे (शृंगेरी, कर्नाटक) के अवधूत विनयगुरुजी ने हाल ही में यहां के सनातन आश्रम को सदिच्छा भेंट दी ।

मनुष्य जीवन पर ग्रहदोषों के प्रभाव को सहनीय बनाने के लिए ‘साधना करना’ ही सर्वाेत्तम उपाय

ग्रहदोष का अर्थ कुंडली में ग्रहों की अशुभ स्थिति ! कुंडली में कोई ग्रह दूषित हो, तो उस व्यक्ति को उस ग्रह के अशुभ फल प्राप्त होते हैं,

प्राचीन भारतीय नौकाशास्त्र में मत्स्ययंत्र के अलौकिक तंत्र

वेद से लेकर अनेक भारतीय पौराणिक ग्रंथों में महासागर, समुद्र और नदियों से जुडी ऐसी अनेकानेक घटनाओं का उल्लेख है, जिससे यह पता चलता है कि भारतीयों को नौकायान का ज्ञान आदिकाल से ही रहा है । भारतीय साहित्यकला, मूर्तिकला, चित्रकला और पुरातत्व-विज्ञान से प्राप्त अनेक साक्ष्यों से भारत की समुद्री परंपराओं का अस्तित्व प्रमाणित … Read more

माता अमृतानंदमयी के चेन्नई स्थित आश्रम के स्वामी विनयांमृत चैतन्य ने दिया सनातन संस्था के कार्य को आशीर्वाद !

सनातन संस्था के साधक श्री. जयकुमार एवं श्रीमती सुगंधी जयकुमार ने यहां माता अमृतानंदमयी आश्रम में स्वामी विनयामृत चैतन्य की १ दिसंबर २०२० की साधकों ने भेट ली ।

कलियुग के लिए नामजप सर्वोत्तम साधना क्यों है ?

कलियुग में साधारण व्यक्ति की सात्त्विकता निम्न स्तर पर आ गई है । ऐसे में वेद एवं उपनिषद के गूढ भावार्थ को समझना क्लिष्ट हो गया है ।

अध्यात्म और विज्ञान में समानता कैसे रखें ?

‘विज्ञान केवल स्थूल पंचज्ञानेंद्रियों के संदर्भ में ही संशोधन करता है, किंतु अध्यात्म सूक्ष्मतर एवं सूक्ष्मतम का भी विचार करता है !’ विज्ञान तंत्रज्ञान के संदर्भ में जानकारी देता है एवं अध्यात्म आत्मज्ञान के संदर्भ में !

टिप्पणी : सभी हिंदू शाकाहारी होते हैं ।

हिन्दू धर्म की धार्मिक परंपराओं और हिन्दुओं के धर्माचरण के पीछे अध्यात्मशास्त्रीय आधार होता है । यह शास्त्र यदि हम समझ लें, तो हिन्दू धर्म की अद्वितीयता हमारे ध्यान में आएगी ।