पत्ते तोडे जाने पर वृक्ष वेदना में जोर से चिल्लाते हैं ! – शोधकर्ताओं के निष्कर्ष
शोध से पता चला है कि जब पेड-पौधों से पत्तियां तोडी जाती हैं, तो उन्हें वेदना होती है और वे चिल्लाते हैं । तेल अवीव विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने यह शोध किया है ।
शोध से पता चला है कि जब पेड-पौधों से पत्तियां तोडी जाती हैं, तो उन्हें वेदना होती है और वे चिल्लाते हैं । तेल अवीव विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने यह शोध किया है ।
एंटीबायोटिक अथवा प्रतिजैविक का अर्थ है, बैक्टीरिया (जीवाणु) मारनेवाली अथवा उसे कमजोर करनेवाली औषध ।
२०१८ में कोरोना की भविष्यवाणी करने वाले ३५ वर्षीय मनोवैज्ञानिक, निकोलस ओजुला, ने भविष्यवाणी की है कि कोरोना का प्रभाव २०२१ में जारी रहेगा ।
अनेक बार हम खाली भूमि खरीदते हैं अथवा खाली भूमि पर निर्माणकार्य करते हैं । सर्वप्रथम आपातकाल की दृष्टि से निर्माणकार्य के लिए भूमि का चुनाव करते समय उसके सभी मापदंडों की पडताल करें ।
आपातकाल में डीजल-पेट्रोल उपलब्ध नहीं हो पाएंगा । तब, दैनिक आवश्यकताआें की पूर्ति के लिए प्राचीन काल की भांति बिना डीजल-पेट्रोल से चलनेवाले वाहनों (उदा. बैलगाडी, घोडागाडी) का उपयोग करना पडेगा । ये सब साधन प्राप्त करना, उन्हें चलाना, उनकी देखभाल और सुधार करना तथा उनसे जुडे पशुआें का पालन-पोषण करने का कौशल तुरंत सीख लेना आवश्यक है ।
हिन्दू धर्म में परमेश्वर, ईश्वर, अवतार तथा देवता ऐसी संकल्पना है । ‘ईश्वर’ शब्द सामान्यतः जगन्नियंता, सृष्टि-स्थिति-प्रलय के कर्ता, सर्वव्यापक, सर्वांतर्यामी और देवाधिदेव आदि अर्थों से उपयोग किया जाता है । प्रत्यक्ष में ईश्वर एक ही हैं, तथा वह निर्गुण, निराकार हैं ।
‘सनातन चैतन्यवाणी’ एप ‘गूगल प्ले स्टोर’ पर सभी के लिए उपलब्ध है । अधिकाधिक लोग इस एप को डाउनलोड कर उसका उपयोग करें और सात्त्विक स्तोत्र, आरती, श्लोक, मंत्र, नामजप आदि का लाभ उठाएं ।
कोरोना महामारी की पृष्ठभूमि पर लागू की गई संचार बंदी यद्यपि उठाई जा रही है तथा जनजीवन पूर्ववत हो रहा है, तथापि कुछ स्थानों पर सार्वजनिक प्रतिबंधों के कारण सदैव की भांति दीपावली मनाना संभव नहीं हो पा रहा है । ऐसे स्थानों पर दीपावली कैसे मनाएं, इससे संबंधित कुछ उपयुक्त सूत्र और दृष्टिकोण यहां दे रहे हैं ।
नौकरी-व्यवसाय के उपलक्ष्य में पूरे विश्व में फैले भारतीय लोगों ने दीपावली के त्योहार को पूरे विश्व में प्रसारित कर दिया है । अन्य राष्ट्रों में दीपावली का त्योहार कैसे मनाया जाता है और उसे मनाते समय भारत की अपेक्षा उनमें क्या अलग होता है, इस लेख से हम इसे जानेंगे ।
नववर्षारंभ तथा दशहरे के दिन सरस्वतीपूजन करें । ब्रह्मांड में नववर्षारंभ पर श्री सरस्वतीदेवी के तारक तत्त्व की तरंगें एवं दशहरे के दिन महासरस्वतीदेवी के मारक तत्त्व की तरंगें कार्यरत होती हैं ।