मृत्युपरांत के शास्त्रोक्त क्रियाकर्म करना महत्वपूर्ण क्यों हैं ?

मृत्युपरांत के क्रियाकर्म को श्रद्धापूर्वक एवं विधिवत् करने पर मृत व्यक्ति की लिंगदेह भूलोक अथवा मृत्युलोकमें नहीं अटकती, वह सद्गति प्राप्त कर आगे के लोकों में बढ सकती है ।

अनिष्ट शक्तियोंके आक्रमणोंसे मृतदेहकी रक्षा करनेके उपाय ।

मृतदेहके चारों ओर बक्से (गत्ते) लगाना, प्रत्येक आधे घंटेके उपरांत उनके देहपर तीर्थ छिडकना, चमेलीकी उदबत्ती लगाना, श्री गुरुदेव दत्तका नामजप लगाना, मृतदेहके चारों ओर दत्तात्रेय देवताकी नामजप-पट्टियोंका मंडल बनाना इत्यादिसे मृतदेहपर होनेवाले अनिष्ट शक्तियोंके आक्रमण घट जाते हैं ।