गोमूत्र की सहायता से जलप्रदूषण पर परिणामकारी उपाय !
शिवाजी विश्वविद्यालय के युवा शोधकर्ता छात्र प्रशांत सावळकर एवं ऋतुजा मांडवक ने देसी गीर गाय के मूत्र की (गोमूत्र की) सहायता से चांदी धातु का विघटन कर उससे रुपहले सूक्ष्म कण (नैनो पार्टिकल्स) तैयार किए हैं । इस शोध से यह बात सामने आई है कि ‘चांदी के यह अरबांश कण (सिल्वर नैनो पार्टिकल्स) वस्रोद्योग से बाहर निकलनेवाले अत्यंत विषैले पानी के शुद्धिकरण के लिए उपयोग किए जा सकते हैं ।
