सनातन समाज में तीसरे महायुद्ध के संदर्भ में बताकर भय निर्माण कर रही है, ऐसी अवैज्ञानिक जानकारी मत फैलाएं ।

सर्व संकटों में साधक सुरक्षित रहें, इसलिए सनातन संस्था ने आपत्काल की पूर्वतैयारी के संदर्भ में सूचना दी है । ये सभी सूचनाएं पूर्णत: ऐच्छिक हैं । इसमें सनातन संस्था का किसी से आग्रह नहीं है ।

केरल में ‘ऑनलाईन’ आयोजित सामूहिक नामजप को गणेशभक्तों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद !

सनातन संस्था की ओर से यहां जिज्ञासुओं के लिए श्री गणेशचतुर्थी के निमित्त से १० सितंबर २०२१ को श्री गणेश के सामूहिक नामजप का ‘ऑनलाईन’ आयोजन किया गया था । उसे गणेशभक्तों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला । इस कार्यक्रम के आरंभ में सनातन की साधिका श्रीमती स्मिता सिजू ने श्री गणेश की भावार्चना बताई ।

पूर्वजों के कष्ट दूर होने हेतु पितृपक्ष में नामजप, प्रार्थना और श्राद्धविधि करें !

‘आजकल अनेक साधकों को अनिष्ट शक्तियों के कष्ट हो रहे हैं । पितृपक्ष के काल में (२१ सितंबर से ६ अक्टूबर २०२० की अवधि में) इन कष्टों में वृद्धि होने से इस कालावधि में प्रतिदिन न्यूनतम १ घंटा ‘ॐ ॐ श्री गुरुदेव दत्त ॐ ॐ’ नामजप करें ।

सामाजिक माध्यमों द्वारा श्रीगणेश के नाम पर पारपत्र प्रसारित कर श्रीगणेश का अनादर !

‘भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी को श्रीगणेश का आगमन होगा’, इस संकल्पना पर श्रीगणेश का चित्रयुक्त पारपत्र (पासपोर्ट) सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित कर श्रीगणेश का अवमान किया गया । इस पारपत्र पर भाग्यनगर (हैद्राबाद) पारपत्र कार्यालय की मोहर एवं पारपत्र प्रदान अधिकारी पी. कृष्णा चार्या का नाम एवं हस्ताक्षर हैं । यह पारपत्र विनोद के रूप में सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित किया गया है ।

देहली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन.सी.आर्.) में ‘ऑनलाईन’ प्रवचन एवं सामूहिक नामजप का आयोजन !

सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति के संयुक्त विद्यमान से गणेशोत्सव निमित्त एक विशेष ‘ऑनलाईन’ सत्संग का आयोजन किया गया था । इस अवसर पर सनातन की कु. टुपुर भट्टाचार्य ने श्री गणेशचतुर्थी का महत्त्व, श्री गणेश का पूजन, गणेशमूर्ति का विसर्जन कैसे करें ?

गोमूत्र की सहायता से जलप्रदूषण पर परिणामकारी उपाय !

शिवाजी विश्वविद्यालय के युवा शोधकर्ता छात्र प्रशांत सावळकर एवं ऋतुजा मांडवक ने देसी गीर गाय के मूत्र की (गोमूत्र की) सहायता से चांदी धातु का विघटन कर उससे रुपहले सूक्ष्म कण (नैनो पार्टिकल्स) तैयार किए हैं । इस शोध से यह बात सामने आई है कि ‘चांदी के यह अरबांश कण (सिल्वर नैनो पार्टिकल्स) वस्रोद्योग से बाहर निकलनेवाले अत्यंत विषैले पानी के शुद्धिकरण के लिए उपयोग किए जा सकते हैं ।

कोरोना का बुखार एवं उसके लिए किए जानेवाले आयुर्वेदीय उपचार

बुखार आना आरंभ होने पर लंघन करें (भूखे रहें), बुखार में पाचनशक्ति बढानेवाली औषधियां दें, बुखार उतरना आरंभ हो, तो समूल नष्ट होने तक औषधि दें और बुखार आना पूर्णरूप से रुकने पर विरेचन (दस्त की औषधि) दें, ऐसा बताया गया है ।

हिंद महासागर के बढते तापमान के कारण भारत में बाढ की स्थिति निर्माण हाेने की संभावना ! – संयुक्त राष्ट्र का प्रतिवेदन

जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र अंतर सरकारी पैनल (आई.पी.सी.सी.) का ६ वां प्रतिवेदन ‘जलवायु परिवर्तन २०२१ – भौतिक विज्ञान आधार’ प्रकाशित कर दिया गया है।

श्रावण मास की जानकारी

अनुक्रमणिका१. नागपंचमीतिथिइतिहासनागकी महिमापूजनभावार्थनिषेध२. श्रावण पूर्णिमा (नारियल पूर्णिमा)समुद्रपूजन३. रक्षा (राखी) बंधनइतिहासभावनिक महत्त्वराखी बांधनाप्रार्थना करनाराखी के माध्यम से होनेवाला देवताओं का अनादर रोकिए !४. श्रावणी (उपकर्म एवं उपाकरण)तिथिमहत्त्वविधि करने की पद्धति५. श्रावणी सोमवार एवं शिवमुष्टिव्रतश्रावणी सोमवार (शंकर व्रत)शिवमुष्टिव्रत६. मंगलागौरी७. जरा-जीवंतिका पूजन८. हरियाली (पिठोरी अमावस्या, दीपपूजा)विधि९. हरितालिकातिथिइतिहास एवं उद्देश्यव्रत करने की पद्धति १. नागपंचमी तिथि श्रावण शुक्ल पक्ष … Read more

‘कोरोना महामारी के इस कठिन काल में समाज के लोगों को प्रेम से आधार देना’,समष्टि साधना ही है !

कुटुंब के सदस्य अथवा सगे-संबंधियों को कोरोना होने की बात सुनकर कुटुंब के अन्य सदस्यों को चिंता होने लगती है । ऐसे समय में रोगी को प्रेम से आधार देने की आवश्यकता होती है । उसे कहना चाहिए ‘तुम अवश्य ठीक हो जाओगे । भगवान तुम्हारे साथ हैं । तुम भगवान का नाम लो । कुछ भी सहायता लगेगी, तो मैं करूंगा ।’ ऐसा प्रेमपूर्वक आधार देने की नितांत आवश्यकता है’, ऐसा ध्यान में आया है ।