ज्योतिष और वास्तुशास्त्र में शनि के विषय में विचार
चिंतन, कठोर अनुष्ठान, जप-तप, वैराग्य, संन्यास ये विषय शनि ग्रह के अधिकारक्षेत्र में आते हैं ।
चिंतन, कठोर अनुष्ठान, जप-तप, वैराग्य, संन्यास ये विषय शनि ग्रह के अधिकारक्षेत्र में आते हैं ।
‘ज्योतिषी केवल शास्त्र बता सकेंगे; परंतु वे बचा नहीं सकेंगे । संत उपाय बताकर कष्टों की तीव्रता न्यून कर सकते हैं ।
वास्तव में भारत द्वारा जिहादी आतंकवादी और संकटजनक (खतरनाक) घोषित डॉ. झाकीर नाईक के ‘फेसबुक’ पर 50 से अधिक अकाऊंट है, जो दिन-रात प्रचार कर रहे हैं; परंतु वे ‘फेसबुक’ को संकट नहीं लगते ।
सनातन के ग्रंथों का दिव्य ज्ञान समाज तक पहुंचाने के लिए संस्था की ओर से पूरे भारत में ‘ज्ञानशक्ति प्रसार अभियान’ चलाया जा रहा है । यह ग्रंथ समाज के प्रत्येक जिज्ञासु, मुमुक्षू, साधक इत्यादि तक पहुंचाकर हर किसी के जीवन का कल्याण हो, इसलिए यह ‘ज्ञानशक्ति प्रसार अभियान’ आरंभ किया गया है । अधिकाधिक लोग इन ग्रंथों का लाभ लें ।
बहुत प्राचीन समय से चीन, तिब्बत और भारत के सांस्कृतिक संबंध थे । तिब्बत को त्रिविष्टप अर्थात स्वर्ग’ कहा गया है । मनु ने चीन का उल्लेख किया है (ई.स.पू. ८०००) । रेशम चीन से आता है; इसलिए पाणिनि ने (ई.स.पू. २१०० वर्ष) उसे चीनांशुक’ कहा है ।
ये सेवाएं करने के इच्छुक जिलासेवकों के माध्यम से आगे दी गई सारणीनुसार अपनी जानकारी श्रीमती भाग्यश्री सावंत के नाम [email protected] इस संगणकीय पते पर अथवा नीचे दिए पते पर भेजें ।
सर्व संकटों में साधक सुरक्षित रहें, इसलिए सनातन संस्था ने आपत्काल की पूर्वतैयारी के संदर्भ में सूचना दी है । ये सभी सूचनाएं पूर्णत: ऐच्छिक हैं । इसमें सनातन संस्था का किसी से आग्रह नहीं है ।
सनातन संस्था की ओर से यहां जिज्ञासुओं के लिए श्री गणेशचतुर्थी के निमित्त से १० सितंबर २०२१ को श्री गणेश के सामूहिक नामजप का ‘ऑनलाईन’ आयोजन किया गया था । उसे गणेशभक्तों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला । इस कार्यक्रम के आरंभ में सनातन की साधिका श्रीमती स्मिता सिजू ने श्री गणेश की भावार्चना बताई ।
‘भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी को श्रीगणेश का आगमन होगा’, इस संकल्पना पर श्रीगणेश का चित्रयुक्त पारपत्र (पासपोर्ट) सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित कर श्रीगणेश का अवमान किया गया । इस पारपत्र पर भाग्यनगर (हैद्राबाद) पारपत्र कार्यालय की मोहर एवं पारपत्र प्रदान अधिकारी पी. कृष्णा चार्या का नाम एवं हस्ताक्षर हैं । यह पारपत्र विनोद के रूप में सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित किया गया है ।
सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति के संयुक्त विद्यमान से गणेशोत्सव निमित्त एक विशेष ‘ऑनलाईन’ सत्संग का आयोजन किया गया था । इस अवसर पर सनातन की कु. टुपुर भट्टाचार्य ने श्री गणेशचतुर्थी का महत्त्व, श्री गणेश का पूजन, गणेशमूर्ति का विसर्जन कैसे करें ?