वर्ष २०३० में चंद्रमा की कक्षा में परिवर्तन होने के फलस्वरूप पृथ्वी पर जलप्रलयसम परिस्थिति निर्माण होगी ! – नासा

वर्ष २०३०  में जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र में जल का स्तर बढ़ेगा और चंद्रमा अपनी वर्तमान कक्षा से सरकेगा । अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक प्रतिवेदन के अनुसार  इससे विनाशकारी बाढ़ आने की संभावना है।

जलवायू परिवर्तन से होने वाले नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती ! – वैज्ञानिकों का दावा

विश्व जलवायु परिवर्तन से होने वाली हानि अब इस स्तर पर पहुंच गई है कि उसे सुधारा नहीं जा सकता । इस कारण उसके साथ ही जीना पड़ेगा, ऐसा प्रतिपादन वैज्ञानिक प्रा. मार्कस रेक्स ने किया है ।

काली और सफेद फंगस के बाद अब मिला पीले फंगस से संक्रमित मरीज !

काली और सफेद फंगस के बाद अब देश में पीले फंगस से संक्रमित मरीज मिला है । पीला फंगस अधिक खतरनाक होने का विशेषज्ञों ने कहा है । गाजियाबाद में मिले पीले फंगस के मरीज पर अभी उपचार चालू है ।

अँटार्क्टिका के समीप विशालकाय बर्फ का टुकडा पिघला !

अटार्क्टिका से स्पेन के माजोर बंदरगाह तक बर्फ का एक विशाल टुकडा पानी में गिरा है । उपग्रह और हवाई जहाज द्वारा लिए छायाचित्र में यह दृश्य दिखाई दिया । यह विश्व का अबतक का सबसे महाकाय बर्फ का टुकडा है, ऐसा बताया जा रहा है । पिछले वर्ष भी अँटार्क्टिका में बर्फ का एक बडा टुकडा पिघल गया था ।

भारत में ‘ब्लैक फंगस’ के बाद अब ‘व्हाईट फंगस’ के भी मरीज मिले !

कोरोना पीडितों में ‘ब्लैक फंगस’ (म्युकरमायकोसिस) इस बीमारी का लक्षण दिखने के बाद अब ‘व्हाईट फंगस’ की समस्या दिखने लगी है । पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भरती कोरोना के ४ मरीजों में व्हाईट फंगस का लक्षण दिखाई दिया है । ऑक्सीजन पर रखे मरीजों को इस बीमारी का खतरा अधिक है, ऐसा विशेषज्ञों का कहना है ।

तौक्ते के पीछे पीछे अब ‘यास’ नामक चक्रवात टकराएगा !

तौक्ते के पीछे पीछे अब ‘यास’ नामक चक्रवात पूर्वी बंगाल एवं ओडिशा के तटों से टकराने की चेतावनी भारतीय मौसम विभाग ने दी है । यह चक्रवात २५ मई को बंगाल तथा २६ मई को ओडिशा से टकराने की आशंका है । बंगाल की खाडी में एक न्यून दबाव का क्षेत्र बन गया है एवं समुद्र के पानी का तापमान बढ गया है ।

गलवान घाटी में चीन द्वारा युद्ध की तैयारी !

भारत में जैसे ही कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप हुआ है, वैसे ही चीन पूर्वी लद्दाख की सीमा पर युद्ध की तैयारी करता दिखाई दे रहा है । चीन ने तिब्बत में भारतीय सीमा के पास अत्याधुनिक पी.एच.एल -३ रॉकेट लांचर तैनात किए हैं । चीन के सरकारी सीसीटीवी ने इस संबंध में वृत्त दिया है ।

हिमालय में बर्फ पिघलने से बडी संख्या में तालाब बन रहे हैं !

’’ ग्लोबल वार्मिंग ’’ के फलस्वरूप, गत कुछ वर्षों से बर्फाच्छादित पहाडों की बर्फ पिघल रही है । भारत के हिमालय में भी स्थिति ऐसी ही है । परिणामस्वरूप, तालाबों का जल स्तर लगातार बढ रहा है । साथ ही उनका आकार भी बढ रहा है । जिसके परिणामस्वरूप, यहां नदियों के क्षेत्रों में बाढ का खतरा है ।

चीन विगत छह वर्षों से तृतीय विश्व युद्ध के लिए जैविक अस्त्र निर्माण कर रहा था !

कोरोना की उत्पत्ति चीन में हुई थी, इसे अब लोग भुलने लगे हैं तथा चीन में इसका प्रभाव कब का न्यून हो गया है एवं पूर्व जैसा परिवहन अभी आरंभ हुआ है । ऐसे में अमेरिकी गुप्तचर विभाग ने चीन की एक रिपोर्ट ढूंढ निकाली है । १८ विशेषज्ञों द्वारा लिखी गई रिपोर्ट में पाया गया कि, चीन विगत छह वर्षों से तृतीय विश्व युद्ध के लिए कोरोना जैसा एक जैविक अस्त्र निर्माण कर रहा था, एवं उसने वास्तव में कोरोना के माध्यम से तीसरा युद्ध शुरू किया है ।