महर्षि द्वारा सप्तर्षि जीवनाडीपट्टी से आपातकाल एवं तीसरे महायुद्ध के विषय में साधकों को जागृत करना

गत कुछ वर्षाें से भारतभूमि के संत-महात्मा, सिद्धपुरुष, ज्योतिष्यशास्त्र के जानकार, नाडीपट्टीवाचक एवं कुछ द्रष्टाओं ने ‘वर्ष २०२० से वर्ष २०२५, यह काल कितना भयावह होनेवाला है’, इसके संकेत दिए हैं ।

संपूर्ण नागपंचमी पूजन विधि – मंत्र एवं अर्थ सहित

‘अपने कुटुंबियों की नागभय से सदासर्वकाल मुक्ति हो, इसके साथ ही नागदेवता का कृपाशीर्वाद प्राप्त हो’, इस हेतु प्रति वर्ष श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी को अर्थात नागपंचमी को नागपूजन किया जाता है ।

धर्मनिष्ठ समाज निर्मिति के लिए ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सवों’में सम्मिलित होइए ! – सनातन संस्था का आवाहन

इसके साथ ही 9 भाषाओं में ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ सनातन संस्था के ‘यू-ट्यूब चैनल्स’ पर प्रसारित किया जाएगा । गुरुपरंपरा का महत्त्व समाजमन पर अंकित करने, समाज को साधना के लिए प्रेरित करने तथा धर्मनिष्ठ समाज की निर्मिति के लिए गुरुपूर्णिमा में सम्मिलित होइए, ऐसा आवाहन सनातन संस्था द्वारा किया गया है । 

गुरुपूर्णिमा पूजाविधि (संपूर्ण गुरु पूजन मंत्र एवं अर्थसहित)

आषाढ पूर्णिमा अर्थात व्यासपूजन अर्थात गुरुपूर्णिमा । इस दिन ईश्वर के सगुण रूप अर्थात गुरु का मनोभाव से पूजन

अर्पणदाताओ, गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में धर्मकार्य हेतु धन अर्पित कर गुरुतत्त्व का लाभ लो !

गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में तन, मन एवं धन का अधिकाधिक त्याग कर गुरुदेवजी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर सभी को प्राप्त हुआ है । अतः जिज्ञासु एवं शुभचिंतक धर्मप्रसार का कार्य कर तथा उसके लिए धन अर्पित कर गुरुपूर्णिमा का आध्यात्मिक स्तर पर लाभ लें ।

श्रद्धा एवं भक्ति द्वारा आज भी वारी की परंपरारूपी धरोहर संजोनेवाले वारकरी !

संत ज्ञानेश्वरजी ने ज्ञानेश्वरी में ‘वारी’ यह शब्द ‘फेरा’, इस अर्थ से प्रयुक्त किया है । ‘यह वारी कब आरंभ हुई ?’, इस विषय में विद्वानों में मतभेद है । केवल इतना कहा जा सकता है कि ‘ज्ञानेश्वर महाराज ने ‘वारी’की महिमा में अत्यधिक वृद्धि की ।

आषाढी एकादशी – पंढरपुर में होनेवाला भागवतभक्तों का महासंगम

श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळ एवं उनके साथ महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय के साधक गुट ने एक पंढरी की वारी का एवं उसमें होनेवाले रिंगण का चित्रीकरण किया ।

पांडुरंग एवं एकादशी की महिमा !

आषाढ एवं कार्तिक माह के शुक्लपक्ष में आनेवाली एकादशी के समय श्रीविष्णु का तत्त्व पृथ्वीवर अधिक मात्रा में आने से श्रीविष्णु से संबंधित ये दो एकादशियों का महत्त्व अधिक है ।

नैसर्गिक आपत्तियों में संगठितरूप से आपत्कालीन सहायता कैसे करें ?

    अनुक्रमणिका१. आपत्तियों का सखोल अध्ययन करना आवश्यक१ अ. आपत्कालीन घटना का स्वरूप और व्याप्ति समझकर लेना१ आ. आपत्कालीन सहायताकार्य करने के विषय में प्राधान्यक्रम निश्चित करना१ इ. पूर्वतैयारी के लिए घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति का अंदाज लेना२. आपत्कालीन सहायता करने की पद्धति३. सहायताकार्य करनेवाले स्वयंसेवकों में आवश्यक गुण और कौशल४. आपत्कालीन सहायताकार्य के … Read more

हिन्‍दू जनजागृति समिति के कार्यकर्ताओं को पू. परमात्‍माजी महाराज जी का आशीर्वाद !

हिन्‍दू राष्‍ट्र स्‍थापना के कार्य के पीछे परात्‍पर गुरु डॉ. आठवले जी की अद़्‍भुत शक्‍ति है । उनका मैं स्‍मरण करता हूं । हिन्‍दू राष्‍ट्र की स्‍थापना के लिए अखिल भारतीय हिन्‍दू राष्‍ट्र अधिवेशन का आयोजन करनेवाले हिन्‍दू जनजागृति समिति के कार्यकर्ताओं को मैं आशीर्वाद देता हूं । भगवान ने जो दिया है, वह सर्व हिन्‍दू राष्‍ट्र की स्‍थापना के लिए समर्पित करें ।