सूर्यग्रहण के कारण विश्व में युद्धजन्य स्थिति उत्पन्न हो सकती है !- ज्योतिष की भविष्यवाणी

समाचार वाहिनी ‘आज तक’ द्वारा प्रसारित किए गए ज्योतिषाचार्य कमल नंदलाल के भविष्य कथन के अनुसार, ‘इस ग्रहण का पूरे विश्व में अनिष्ट परिणाम दिखाई देनेवाला है ।

बृहस्पति ग्रह के राशि परिवर्तन से भारत सहित संपूर्ण विश्व में युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है ! – ज्योतिर्विद पंडित दिवाकर त्रिपाठी, निदेशक, ‘उत्थान’ ज्योतिष संस्थान

आनेवाली ५ अप्रैल को प्रातः ५ बजे बृहस्पति ग्रह अपनी राशि में परिवर्तन करेंगे । वर्तमान में मकर राशि में स्थित यह ग्रह, कुंभ राशि में प्रवेश करेगा । अगले १३ माहों तक बृहस्पति ग्रह इस राशि में रहेगा । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बृहस्पति ग्रह के राशि परिवर्तन को एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है । यह परिवर्तन व्यक्तियों, समाजों एवं देशों को प्रभावित करता है ।

६ मई २०२१ को लघुग्रह टकराकर पृथ्वी नष्ट होगी ! – नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी

६ मई २०२१ को पृथ्वी से एक लघुग्रह टकराएगा और उससे संपूर्ण विश्व का नाश हो सकता है, ऐसी भविष्यवाणी प्रसिद्ध भविष्यवेत्ता नास्त्रेदमस ने की है । अब यह भविष्यवाणी कितनी सत्य सिद्ध होगी, यह देखना होगा । नास्त्रेदमस ने वर्ष ३७९७ तक का भविष्य बता रखा है ।

भविष्य में वातावरण बदलने से और जैविक आतंकवाद के कारण लाखों लोगों की मृत्यु होगी ! – बिल गेट्स की चेतावनी

भविष्य में वातावरण बदलने से और जैविक आतंकवाद इन २ कारणों से लाखों लोगों की मृत्यु होगी । विश्व को समाप्त करने के उद्देश्य से कोई भी नए विषाणु की निर्मिति कर सकता है । वर्तमान में विश्व भर में चर्चित कोरोना विषाणु की अपेक्षा इन २ कारणों से विश्व में हाहाकार मचेगा, ऐसी भविष्यवाणी मायक्रोसाफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने की है ।

प्राकृतिक आपदाओं की तीव्रता के संदर्भ में संतों का द्रष्टापन तथा उनका कार्य

इस लेख में प्राकृतिक आपदाओं का वर्तमानकाल में भयानक स्वरूप, संतों द्वारा उनके संदर्भ में बताए गए सूत्र और उनका पालन न करने से उत्पन्न दुःस्थिति, साथ ही तीव्र संकटकाल में भी समष्टि की रक्षा हेतु संत किस प्रकार से कार्यरत हैं ?, इन सूत्रों को रखने का प्रयास किया गया है ।

विश्वविख्यात भविष्यवेत्ता नास्त्रेदमस तथा संताे के द्वारा बताया गया भविष्य

फ्रान्स के सोलहवे शतक के (वर्ष १५०३-१५६६) महान भविष्यवेत्ता नास्त्रेदमस द्वारा किए गए अनेक भविष्यं आज वैज्ञानिकों के लिए रहस्य हुए हैं ।

भावी आपातकालका सामना कैसे करें ?

संत-महात्मा, ज्योतिषी आदिके मतानुसार आपातकाल प्रारंभ हो चुका है और इसकी भीषणता अगले 3-4 वर्षोंमें बढती ही जाएगी । आपातकालमें अपनी, अपने परिजनों तथा देशबंधुओं की रक्षा एक बडी चुनौती होती है ।