‘भाषसु मुख्या मधुरा दिव्या गिर्वाणभारती । ’
ऐसा कहा जाता है कि तंजावुर में विश्व का सबसे बडा शिलालेख इसप्रकार लिखा गया है कि सीधे पढने पर रामायण और उलटा पढने पर महाभारत !
ऐसा कहा जाता है कि तंजावुर में विश्व का सबसे बडा शिलालेख इसप्रकार लिखा गया है कि सीधे पढने पर रामायण और उलटा पढने पर महाभारत !
सनातनकी संत सदगुरु (कुमारी) स्वातीजी महाराष्ट्र के विविध जनपदों में प्रसारकार्य के लिए जाती हैं । सदगुरु (कुमारी) स्वातीजी के साथ से जो कुछ सीखा है, उसे यहां प्रस्तुत करने का प्रयत्न किया है ।
भारत में भ्रमण करते समय हमने जिलास्तर पर ‘हिन्दू राष्ट्र अधिवेशनों’ का आयोजन किया । इस वर्ष कोरोना काल के उपरांत देश के ९ राज्यों के ३६ जिलों में ‘हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ आयोजित किए गए । उनमें २ सहस्र १०० स्थानीय हिन्दुत्वनिष्ठों ने अपना सहभाग प्रविष्ट किया है ।
केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (चतुर्थ सिग्नल बटालियन) परिसर में ‘आनंदमय जीवन हेतु अध्यात्म’ विषय पर सनातन संस्था द्वारा प्रवचन का आयोजन किया गया । इसमें संस्था के साधक श्री. किरण नोगिया ने उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों का उद्बोधन किया ।
सनातन संस्था के संस्थापक परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के ८० वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में रघुनाथ मंदिर, कालकाजी, अलकनंदा में मनौती मांगने तथा प्रार्थना उपक्रम किया गया, जिसमें साधिका श्रीमती मंजुला कपूर, साधना सत्संग जिज्ञासु श्रीमती रितिका मित्तल और श्रीमती सुधा अरोडा तथा वाचक श्रीमान कृपाल सिंह ने सहभाग लिया ।
सनातन संस्था के संस्थापक परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के ८० वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में महर्षियों की आज्ञा से रामनाथी (गोवा) के सनातन संस्था के आश्रम में यज्ञयागादि विभिन्न विधि संपन्न हुए ।
आगे आनेवाले भीषण आपातकाल में हिन्दुत्वनिष्ठ एवं साधकों को सात्त्विक व्यक्तियों को बचाने का प्रमुख कार्य होगा । आपत्ति में फंसे सज्जन हिन्दुओं की सर्वाेपरी सहायता करें । यह संपूर्ण कार्य किसी भी एक संगठन अथवा व्यक्ति का नहीं है । आपातकाल में हिन्दू समाज के सभी घटकों को एकत्र आकर हिन्दुओं की रक्षा के लिए यह कार्य करना होगा ।
सनातन-निर्मित श्री गणपति के चित्रों की आध्यात्मिक विशेषताओं का विज्ञान द्वारा अध्ययन करने के लिए १५.१०.२०१९ को रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में ‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’की ओर से एक परीक्षण किया गया ।
‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’द्वारा ‘युनिवर्सल ऑरा स्कैनर (यू.ए.एस्)’ नामक उपकरण द्वारा किया वैज्ञानिक परीक्षण ‘हिन्दू राष्ट्र की स्थापना शीघ्र से शीघ्र हो, इसलिए मयन महर्षिजी की आज्ञा से ९.१०.२०१९ एवं १०.१०.२०१९ को रामनाथी (गोवा) के सनातन आश्रम में सद्गुरु (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळ एवं सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळ के शुभहस्तों श्री सिद्धिविनायक मूर्ति की चैतन्यमय एवं भावपूर्ण वातावरण में प्रतिष्ठापना की गई ।
