वैज्ञानिक परीक्षण : प.पू. रामभाऊस्वामीजी द्वारा गोवा के सनातन आश्रम में किए गए उच्छिष्ट गणपति यज्ञ का वैज्ञानिक परीक्षण !

यज्ञसंस्कृति की रक्षा हेतु प्रयासशील तंजावूर, तमिलनाडू के महान योगी प.पू. रामभाऊस्वामीजी अपने विशेषतापूर्ण यज्ञों द्वारा समाज को भौतिक तथा आध्यात्मिक स्तर का लाभ पहुंचाने का दैवीय कार्य कर रहे हैं । उन्होंने १५.१.२०१६ को गोवा के सनातन आश्रम में उच्छिष्ट गणपति यज्ञ का आरंभ किया । इस यज्ञ का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अध्ययन ।

एकादशी व्रत

केवल पुण्यसंचय हो, इस सद्हेतु से एकादशी की ओर देखना अयोग्य है । एकादशी व्रत करने के सर्वंकश लाभ समाज, राष्ट्र और व्यक्ति को हुए हैं और होनेवाले हैं । हिन्दू धर्म के प्रत्येक माह में दो एकादशी आती हैं ।

स्वामी वरदानंद भारतीजी के अनमोल विचार !

धर्म होगा, तो ही राष्ट्र्र में सुख, शांति होती है । धर्म यह आचरण का विषय है । स्वास्थ्य के नियम न मानने पर शरीर में रोग निर्माण होते है । धर्म न मानने पर समाज में भ्रष्टाचार, अनैतिकता, अपराध इत्यादि रोग निर्माण होते है । 

साधिका के मन की भाव स्थिती

गोपियों के हाथ से कृष्ण मक्खन खाते हैं; उन्हें प्रत्यक्ष भगवान के साथ रहने के लिए मिलता है’,ऐसा प्रतीत होकर, स्वयं भी साधना करने का विचार मन में आना एवं श्रीकृष्ण की कृपा से प्रत्यक्ष उनका संसार करना

रावणवध के पश्‍चात ब्रह्महत्या का लगा पाप दूर हो, इसके लिए श्रीरामजी द्वारा पूजित श्रीलंका के नगुलेश्‍वरम् मंदिर का शिवलिंग !

श्रीलंका के हिन्दू अधिकांश उत्तरी श्रीलंका में रहते हैं । इनमें से अधिकांश हिन्दू तमिल भाषी हैं । उत्तरी श्रीलंका का हिन्दू संस्कृति से संबंधित महत्त्वपूर्ण नगर है जाफना ! इस नगर से ३० कि.मी. दूरीपर कीरीमैला नामक एक छोटा गांव है । यह गाव समुद्र क तटपर बंसा है ।

दक्षिण कैलास कहा जानेवाला श्रीलंका का तिरुकोनेश्‍वरम् मंदिर

रावणासुर के संहार के पश्‍चात श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके विमान के पीछे एक काला बादल आ रहा है, ऐसा उनके ध्यान में आता है । तब शिवजी प्रकट होकर श्रीराम से कहते हैं, यह काला बादल आपको ब्रह्महत्या के कारण लगे पाप का प्रतीक है ।

गमले में पौधा कैसे लगाएं और उसकी देखभाल कैसे करें ?

अतः आगामी भीषण आपातकाल में अल्प मूल्य की बहुगुणी विविध औषधीय वनस्पतियां सहजता से उपलब्ध हों, इसके लिए उन्हें अभी से घर के आसपास अथवा खेत में रोपना आवश्यक है

श्रीलंका में बढता हुआ बौद्ध पंथ का प्रभाव तथा भारत के शत्रुराष्ट्रों से निकटता रखनेवाला श्रीलंका !

बौद्ध पंथ एक उपासनापद्धति है तथा वह विशाल हिन्दू धर्म का ही एक अंग है, ऐसा भारतियों का दृष्टिकोण है; परंतु श्रीलंका में बौद्ध पंथ के लोग बहुसंख्यक होने के पश्‍चात जिहादियों की भांति हिन्दू धर्मपर ही आक्रमण कर रहे हैं ।

घरके पिछवाडे अथवा बगीचे में लगाई जानेवाली औषधीय वनस्पतियां

अनेक औषधीय वनस्पतियों का साग अच्छा बनता है । कुछ औषधीय पौधों में फल भी लगते हैं । कुछ कंदवर्गीय वनस्पतियों के कन्द पेट भरने के लिए भी खाए जा सकते हैं ।

अत्यंत उच्च तापमानवाले यज्ञकुंड में समर्पित होकर स्वयं के शरीर के तापमान को सर्वसामान्य रखनेवाले तंजावूर (तमिलनाडू) के महान योगी प.पू. रामभाऊस्वामीजी !

परीक्षण के समय यज्ञकुंड का तापमान १४६.५ अंश सेल्सियस था । उस समय यज्ञकुंड में समर्पित प.पू. रामभाऊस्वामीजी के शरीरपर ओढी हुई शॉल का तापमान ३९.५ अंश सेल्यियस था |