शबरीमला देवस्थान का विषय केवल केरल के लोगों का नहीं, अपितु समस्त हिन्दुआें की अस्मिता का प्रश्न है ! – अभय वर्तक, धर्मप्रचारक, सनातन संस्था
केरल की सरकार शबरीमला मंदिर की परंपरा के विपरीत महिलाआें को मंदिर में प्रवेश दिलाने का प्रयास कर रही है ।
केरल की सरकार शबरीमला मंदिर की परंपरा के विपरीत महिलाआें को मंदिर में प्रवेश दिलाने का प्रयास कर रही है ।
‘तांबे के स्वच्छ बर्तन में २ घंटे से अधिक काल रखे हुए जल को ‘ताम्रजल’ कहते हैं ।
आज हमारे देश की समस्त जनता जिहादी आतंकवाद से त्रस्त है । हमारी हिन्दू युवतियां और माता-बहनों का जीवन ध्वस्त करनेवाले लव जिहाद का संकट भयानक है ।
पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के प्रकरण में कुछ समय पूर्व ही पुलिस ने पूरक आरोपपत्र प्रस्तुत किया है और कुछ माध्यमों ने चर्चा प्रारंभ कर दी है कि इसमें सनातन संस्था का नाम है ।
यदि प्रत्येक व्यक्ति नारियल तेल को अपने जीवन का अविभाज्य अंग बना ले, तो दूसरी किसी भी औषधि की आवश्यकता नहीं लगेगी
कार्तिक शुद्ध चतुर्दशी को वैकुंठ चतुर्दशी के नाम से तथा इस मास की पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है ।
हिन्दू धर्मानुसार शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा शिल्पकला एवं सृजनता के देवता माने जाते हैं । भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का निर्माणकर्ता भी कहा जाता है । १७ सप्टेंबर को विश्वकर्मा पूजा की जाती है ।
नामजप में योगयागादि साधना समान कठिनता भी नहीं है । भावी संकटकाल में कभी-कभी आैषधि वनस्पतियां नहीं मिल सकेंगी; परंतु नामजप के उपचार कहीं भी आैर कभी भी किए जा सकते हैं ।
गणगौर व्रत चैत्र कृष्ण प्रतिप्रदा से चैत्र शुक्ल द्वितीया तक रखा जाता है । ‘गण’ अर्थात भगवान शिव तथा ‘गौर’ अथवा ‘गौरी’ अर्थात पार्वती देवी ।
नामजप करने से केवल विकार ही ठीक नहीं होते, अपितु विकारों से होनेवाली वेदना और दुःख सहने हेतु मनोबल और शक्ति भी मिलती है ।