सदैव निरोगी रहने के लिए नारियल तेल का उपयोग करें !

आजकल नारियल तेल के विषय में अनेक गलतफहमियां हैं, उदा. नारियल तेल खाने से कॉलेस्टेरॉल बढता है । वास्तव में यदि प्रत्येक व्यक्ति नारियल तेल को अपने जीवन का अविभाज्य अंग बना ले, तो दूसरी किसी भी औषधि की आवश्यकता नहीं लगेगी; परंत यह तेल कोल्हू पर पिरोया हुआ एवं कच्चा (बिना गरम किए हुए) होना चाहिए । यदि हम सुखाए हुए नारियल जो कोल्हू पर पिरोए गए हों और बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के उससे निकाला गया तेल मिल जाए तो सबसे उत्तम ! आजकल योगऋषि रामदेवबाबा के पतंजली आस्थापन का तेल सर्वत्र उपलब्ध होता है ।

 

१. प्रतिदिन भोजन में कच्चे नारियल तेल के सेवन से होनेवाले लाभ

प्रतिदिन दोपहर और रात्रि के भोजन में १-२ चम्मच कच्चा नारियल तेल लें, इसके साथ ही भोजन होने के तुरंत बाद नारियल का तेल पिएं । इससे आगे दिए गए लाभ होते हैं ।

अ. कभी भी बद्धकोष्ठता (constipation) नहीं होती । तेल से अंतडियों में चिपका मल छूटता है और अंतडियों की शक्ति बढती है ।

आ. पचन सुधरता है और उससे वात का कष्ट नहीं होता ।

इ. शरीर के सर्व जोडों को चिकनई मिलती है, जिससे कमजोर हड्डियां मजबूत बन जाती हैं ।

ई. नारियल तेल शीतल होने से उससे उष्णता के विकार भी दूर होते हैं ।

उ. इस तेल के कारण कैल्शियम की कमी दूर होती है । शरीरस्वास्थ्य सुधरने से ग्रहण किए गए अन्न से हमें जिस घटक की आवश्यकता होती है, वह घटक खिंचकर आने लगता है और उससे जीवनसत्त्व एवं खनिज की न्यूनता दूर होने में सहायता होती है ।

ऊ. शरीर सुदृढ एवं गठीला बनता है । (कच्चे नारियल तेल से मोटापा नहीं बढता है ।)

 

२. नारियल का तेल – एक बहुगुणी औषधि !

२ अ. खांसी और दमा में लाभदायक

निरंतर खांसी आना, श्वांस फूलना इत्यादि विकारों में यह तेल दिन में २-३ बार १-२ चमचे पिएं । इससे सूखी खांसी तुरंत थम जाती है ।

२ आ. धूल की अलर्जी पर रामबाण उपाय

जिसे धूल की अलर्जी है, ऐसों को दिन में ५-६ बार नारियल के तेल की बोतल में १ छोटी उंगली ढुबोने पर उसे लगा तेल नाक के दोनों नथुनों के अंदर लगाएं । ऐसा करने से नाक में आनेवाली धूल उस तेल को चिपक जाती है और श्‍वसनमार्ग में नहीं जाती और इससे धूल से होनेवाला कष्ट कम हो जाता है ।

२ इ. शांतनिद्रा के लिए सरल घरेलू उपचार

जिन्हें नींद नहीं आती, ऐसों को प्रतिदिन रात्रि में सोने से पूर्व नारियल के तेल का आगे दिए अनुसार उपयोग करना चाहिए ।

१. १ चम्मच नारियल तेल सिर पर लगाकर मालिश करें । उसके लिए ब्रह्मरंध्र के स्थान पर ५ – १० मिनट थपथपाएं और मालिश करें ।

२. तेल की बोतल में दाएं हाथ की छोटी उंगली डुबाकर, उसे दोनों नथुनों के अंदर लगाएं और एक-एक नथुना बंद कर दूसरी से दीर्घ श्वास लें । गले में आए तेल को थूक दें ।

३. तदुपरांत एक करवट पर लेटकर ऊपर आनेवाले कान में तेल डालें ।

४. १-२ मिनट उसी करवट में लेटे रहें ।

५. तदुपरांत कान में डाले गए अतिरिक्त तेल को हाथ में लेकर अपने तलुओं को लगाएं और १-२ मिनट तलुओं को एक-दूसरे पर रगडें । तलुए एक-दूसरे पर रगडना संभव न हो, तो हाथों से तलुओं पर तेल मालिश करें ।

६. इसीप्रकार दूसरी करवट पर लेटने पर दूसरे कान में तेल डालें और १-२ मिनट में पुन: पूर्व की भांति ही कान से बाहर आया अतिरिक्त तेल हाथ से दोनों पैरों की पिंडलियों में नीचे से ऊपर की दिशा में मालिश करें ।

२ ई. त्वचा को निरोगी रखनेवाले नारियल तेल का अभ्यंग

प्रतिदिन सवेरे स्नान से पूर्व संपूर्ण शरीर को नारियल का तेल लगाने से त्वचा का रूखापन दूर होता है, इसके साथ ही सभी जोडों को चिकनई मिलती है ।

२ उ. केश को पोषण

जिनके केश गिरते हैं उन्हें नियमितरूप से केश की जडों में नारियल तेल लगाना चाहिए । इससे केश को उत्तम पोषण मिलता है । बाजार के किसी भी तेल की तुलना में नारियल तेल अधिक अच्छा काम करता है ।

२ ऊ. सिर दर्द से राहत

चरक ऋषि के अनुसार जो सिर में भरपूर (नारियल) तेल लगाएगा उसे कभी भी सिरदर्द नहीं होगा ।

 

३. कच्चे नारियल तेल से कॉलेस्टेरॉल नहीं बढता है ।

कच्चे नारियल तेल में ‘लॉरिक एसिड’ नामक घटक होता है । इससे कॉलेस्टेरॉल कम होने में सहायता होती है । अत: ‘नारियल तेल से कॉलेस्टेरॉल बढता है’, यह अत्यंत गलतधारणा है ।

– वैद्य सुविनय दामले, कुडाळ, सिंधुदुर्ग के व्याख्यान से संकलित
संदर्भ : दैनिक सनातन प्रभात

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