विकार दूर होने के लिए आवश्यक देवताओं के तत्त्वों के अनुसार दिए गए कुछ विकारों पर नामजप

‘कोई विकार दूर होने के लिए दुर्गादेवी, राम, कृष्ण, दत्त, गणपति, हनुमान एवं शिव, इन ७ मुख्य देवताओं मे से किस देवता का तत्त्व कितनी मात्रा में आवश्यक है ?’, यह ध्यान में ढूंढकर मैंने कुछ विकारों पर जप बनाए हैं ।

विकार दूर होने हेतु आवश्यक देवताओं के तत्त्वों के अनुसार दिए कुछ विकारों पर नामजप

इसप्रकार सर्वप्रथम जप कोरोना विषाणु के विरोध में प्रतिकारशक्ति बढाने के लिए मैंने ढूंढा था । उसकी परिणामकारकता ध्यान में आने पर मुझे अन्य विकारों पर भी जप ढूढने की प्रेरणा मिली । मैंने जो जप ढूंढे थे उन्हें गत वर्ष से साधकों को उनके विकारों पर दे रहा हूं ।

वैश्‍विक महामारी फैलानेवाले कोरोना विषाणु का नया प्रकार ओमिक्रॉन विषाणु से आध्यात्मिक स्तर पर लडने के लिए यह जप करें !

गुरुकृपा से यहां दिए गए जप से विश्‍व के सभी को लाभान्वित होकर ओमिक्रॉन विषाणु का विश्‍वभर का प्रभाव नियंत्रित हों और उसका प्रसार रुक जाएं, एवं यह नामजप करने के निमित्त से अनेकों को इस आपातकाल में साधना करने की गंभीरता ध्यान में आकर उनके द्वारा साधना आरंभ हों, यही श्रीगुरुचरणों में प्रार्थना !

‘निर्विचार’ अथवा ‘श्री निर्विचाराय नमः’ नामजप द्वारा निर्गुण स्‍थिति प्राप्‍त करने में सहायता होना

‘मन जब तक कार्यरत है तब तक मनोलय नहीं होता । मन निर्विचार करने हेतु स्‍वभावदोष-निर्मूलन, अहं-निर्मूलन, भावजागृति इत्‍यादि कितने भी प्रयास किए, तो भी मन कार्यरत रहता है । उसी प्रकार किसी देवता का नामजप अखंड किया, तो भी मन कार्यरत रहता है और मन में देवता की स्‍मृति, भाव इत्‍यादि आते हैं ।

कोरोना विषाणुओं के विरुद्ध स्‍वयं में प्रतिरोध शक्‍ति बढाने के लिए आध्‍यात्मिक बल प्राप्‍त हो, इसके लिए ईश्‍वर द्वारा सुझाया नामजप !

कोरोना विषाणुओं के विरुद्ध स्वयं में प्रतिरोधक शक्ति बढाने के लिए चिकित्सकीय सुझाव और चिकित्सा के साथ ही ईश्वर द्वारा सुझाए गए इन ३ देवतातत्त्वों के अनुपात के अनुसार निम्नांकित नामजप तैयार हुआ ।

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