विजयादशमी का संदेश

विजयादशमी’ हिन्दुओं के देवता और महापुरुषों की विजय का दिन है । ‘आसुरी शक्तियों का पराभव और दैवी शक्तियों की विजय’, यह इस दिन का इतिहास है । इसीलिए इस दिन अपराजितापूजन और सीमोल्लंघन करने की सनातन परंपरा है ।

नागपंचमी : सब्जी काटना, तलना, चूल्हे पर तवा रखना, भूमि जोतना अथवा भूमिखनन न करने का आधारभूतशास्त्र

नागपंचमी के दिन सब्जी काटना, चीरना, तलना, भूमि जोतना अथवा भूमिखनन इत्यादि कृत्य निषिद्ध हैं; परंतु वर्ष भर में अन्य दिन ये कृतियां करने में कोई बंधन नहीं । नागपंचमी के दिन निषिद्ध कृति न करने का आधारभूत शास्त्र एवं वैसा करने से होनेवाली हानि इस विषय पर विवेचन इस लेख में किया है ।

नागपंचमीपूजन – अर्थासह (भाग २)

प्रस्तुत लेख में नागपंचमीपूजन विधि का दूसरा भाग दिया है । पूजा के मंत्रों का अर्थ समझने पर नागपंचमीपूजन अधिक भावपूर्ण होने में सहायता होती है ।

नागपंचमीपूजन – अर्थासह (भाग १)

‘अपने कुटुंबियों की नागभय से सदासर्वकाल मुक्ति हो, इसके साथ ही नागदेवता का कृपाशीर्वाद प्राप्त हो’, इस हेतु प्रति वर्ष श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी को अर्थात नागपंचमी को नागपूजन किया जाता है ।

नववर्षारंभ दिन का संदेश

‘चैत्र प्रतिपदा यह युगादि तिथि है । ‘युग’ और ‘आदि’ इन शब्दों की संधि से ‘युगादि’ शब्द बना है । इस दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की निर्मिति की थी ।

कैसे मनाई जाती है देश-विदेश में मकर संक्रांति ?

मकर संक्रांति पूरे भारत में विविध नामों से मनाया जाता है । छत्तीसगढ, गोवा, ओडिशा, बिहार, झारखण्‍ड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, मध्‍यप्रदेश, महाराष्‍ट्र, मणिपुर, राजस्‍थान, सिक्‍किम, उत्तर प्रदेश, पश्‍चिम बंगाल, गुजरात और जम्‍मू आदी राज्‍यों में यह उत्‍सव मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है ।

कोरोना महामारी के कारण उत्‍पन्‍न आपातकालीन स्‍थिति में दीपावली कैसे मनाएं ?

कोरोना महामारी की पृष्‍ठभूमि पर लागू की गई संचार बंदी यद्यपि उठाई जा रही है तथा जनजीवन पूर्ववत हो रहा है, तथापि कुछ स्‍थानों पर सार्वजनिक प्रतिबंधों के कारण सदैव की भांति दीपावली मनाना संभव नहीं हो पा रहा है । ऐसे स्‍थानों पर दीपावली कैसे मनाएं, इससे संबंधित कुछ उपयुक्‍त सूत्र और दृष्‍टिकोण यहां दे रहे हैं ।

दीपावली का वैश्विक स्वरूप !

नौकरी-व्‍यवसाय के उपलक्ष्य में पूरे विश्‍व में फैले भारतीय लोगों ने दीपावली के त्‍योहार को पूरे विश्‍व में प्रसारित कर दिया है । अन्‍य राष्‍ट्रों में दीपावली का त्‍योहार कैसे मनाया जाता है और उसे मनाते समय भारत की अपेक्षा उनमें क्‍या अलग होता है, इस लेख से हम इसे जानेंगे ।

आपातकालीन स्‍थिति में ‘नागपंचमी’ की पूजा कैसे करें ?

‘नागों से हमारे परिजनों की सदैव रक्षा हो तथा नागदेवता की कृपा हो’, इस हेतु प्रति वर्ष श्रावण शुक्ल पंचमी अर्थात नागपंचमी को नागदेवता की पूजा की जाती है ।

ब्रह्मध्वज की पूजा विधि

हिन्दुओं का वर्षारंभ वर्ष-प्रतिपदा को होता है । धर्मशास्त्र में वर्षारंभ के दिन सूर्योदय के तुरंत पश्‍चात ब्रह्मध्वज की पूजा करें । पाठकों के लिए शास्त्र के अनुसार किस प्रकार ब्रह्मध्वज की पूजा करनी चाहिए, इसकी यहां मंत्रसहित जानकारी दे रहे हैं जिस स्थान पर ब्रह्मध्वज खडा करना है, वहां ब्रह्मध्वज खडा कर उसकी पूजा करें ।