दीप अमावस्या को नाली अमावस्या कहकर टोकनेवाले धर्मद्रोही विचारों का खण्डन !

हिन्दू इस त्योहार के प्रति लोगों में जागृति लाकर आज इस त्योहार को जो विकृत स्वरूप प्राप्त हुआ है, उसे रोकने हेतु प्रयास करें । हिन्दुओं को इस माध्यम से हमारे त्योहार और संस्कृति का सम्मान करने हेतु संगठित होना चाहिए ।

यमदीपदान करते समय १३ दीपक क्यों अर्पण करते हैं ?

दीपकों की संख्या १३ मानकर, पूजा की जाती है । इस दिन यमदेवता द्वारा प्रक्षेपित लहरें ठीक १३ पल नरक में निवास करती हैं । इसका प्रतीक मानकर यमदेवता को आवाहन करते हुए १३ दीपकों की पूजा कर, उन्हें यमदेवता को अर्पण किया जाता है ।

विश्वकर्मा पूजा

हिन्दू धर्मानुसार शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा शिल्पकला एवं सृजनता के देवता माने जाते हैं । भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का निर्माणकर्ता भी कहा जाता है । भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष ८ को विश्वकर्मा पूजा की जाती है ।

नववर्ष (चैत्र-प्रतिपदा) पर धर्माधिष्ठित ‘हिन्दू राष्ट्र’ स्थापित करने का संकल्प करो !

‘चैत्र-प्रतिपदा (गुडीपडवा) पृथ्वी पर युग के आरंभ का दिन है ! साढे तीन मुहूर्तों में एक, आज के दिन, नए कार्य का शुभारंभ किया जाता है । वर्तमान में, भारत में, धर्मनिरपेक्ष राज्य होने के कारण हमें सर्वत्र धर्मग्लानि का अनुभव हो रहा है ।

गुढी : महत्त्व तथा गुढी के लिए प्रार्थना !

त्योहार तथा उत्सवों का रहस्य ज्ञात होने से उन्हें अधिक आस्था के साथ मनाया जा सकता है । अतः इन लेखों में इस त्योहार का रहस्य तथा शास्त्र की जानकारी देनेपर विशेष बल दिया गया है । हिन्दू नववर्ष अर्थात गुढी पाडवा को गुढी क्यों खडी की जाती है ?

मकरसंक्राति के दिन काला वस्त्र परिधान न करें !

मकरसंक्रांति के दिन छोटे बालक तथा सुवासिनी काला वस्त्र परिधान करते हैं; किंतु हिन्दु धर्म में काला रंग अशुभ माना जाता है तथा अध्यात्म के अनुसार काला रंग वातावरण के तमोगुणी स्पंदन आकृष्ट करता है । अतः इस रंग के वस्त्र परिधान करने से तमोगुणी स्पंदन आकृष्ट होते हैं ।

आकाशदीप

आकाशदीप का मूल आकार कलशसमान होता है । यह मुख्यतः चिकनी मिट्टी का बना होता है । इसके मध्य पर तथा ऊपरी भाग पर गोलाकार रेखा में एक-दो इंच के अंतर पर अनेक गोलाकार छेद होते हैं ।

आकाशदीप लगाने का अध्यात्मशास्त्र (सूक्ष्म विज्ञान)

दीपावली के दिनों में ब्रह्मांड में संचार करनेवाले अनिष्ट तत्त्वों का निर्मूलन करने के लिए श्रीलक्ष्मी-तत्त्व सक्रिय होता है । इसे प्राप्त करने के लिए, घर के बाहर ऊंचे स्थान पर आकाशदीप लगाया जाता है ।

दशहरे के निमित्त संदेश (२०१८)

विजयादशमी पर सीमोल्लंघन, अपराजिता-पूजन और शस्त्रपूजन कर्मकांड की भांति न करो ! तुम, महिषासुरमर्दिनी श्री दुर्गादेवी और लंकाविजयी प्रभु श्रीराम की विजय का केवल स्मरण मत करो; अपितु उनके समान पराक्रम और विजय की पुनरावृत्ति कर,  अपने पराक्रम से एक बार पुनः विजयादशमी का दूसरा नाम दशहरा सार्थक करो !