श्रीदत्त के चित्र में विद्यमान त्रिदेवों की कांति भिन्न होने तथा एक जैसी होने में अंतर का आध्यात्मिक कारण !

वर्ष २०१९ के सनातन पंचांग के दिसंबर मास के पृष्ठपर श्रीदत्त का नया चित्र प्रकाशित हुआ है । इस चित्र में श्रीदत्त के संपूर्ण शरीर की कांति तथा श्रीदत्त के तीनों मुखों की कांति सुनहरी रंग की दिखाई गई है ।

परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी की कृपा से हो रहा अध्यात्म और सनातन संस्कृति का विश्‍वव्यापी पसार !

विज्ञान नहीं, अपितु अध्यात्म ही मानव की खरी उन्नति कर सकता है और उसे आनंद और शांति दे सकता है । महर्षि अध्यात्म विश्‍वविद्यालय द्वारा किए जा रहे अध्यात्म के प्रसार का परिचय करवाने और अन्यों को इसमें सम्मिलित करने के लिए हमारी यात्रा चल रही है ।

इंडोनेशिया में पग-पग पर दिखाई देनेवाले प्राचीन हिन्दू संस्कृति के अवशेष

एक समय जहां समुद्रमंथन हुआ था, वह भूभाग आज का इण्डोनेशिया है ! १५ वीं शताब्दी तक इण्डोनेशिया में श्रीविजय, मातरम्, शैलेंद्र, संजया, मजपाहित जैसे हिन्दू राजाओं का राज्य था । पश्‍चात, मुसलमानों के आक्रमण से वहां की भाषा और संस्कृति में परिवर्तन हुआ ।

मनुस्मृति का विरोध करनेवाले पहले ठीक से मनुस्मृति का अध्ययन करें !

कुछ मास पूर्व वेदशास्त्रसंपन्न विष्णुशास्त्री बापट ने ‘सार्थ श्रीमनुस्मृति’ इस नए नाम से मनुस्मृति का मराठी में भाषांतर कर उसका लोकार्पण किया था ।

मध्य प्रदेश के महान संत सर्वसंग परित्यागी प.पू. भुरानंदबाबा

इनमें से मध्य प्रदेश के प.पू. भुरानंदबाबा सनातन के प्रेेरणास्रोत संत भक्तराज महाराज के गुरुबंधु हैं । प.पू. भुरानंदबाबा का पारिवारिक जीवन, बचपन, गृहत्याग, गुरुभेंट, साधकों को इस संदर्भ में प्राप्त अनुभूतियां तथा उनके देहत्याग के विषय में आज उनके निर्वाणोत्सव के उपलक्ष्य में जान लेते हैं

बक्सों से प्रत्यक्ष उपचार करने की विविध पद्धतियां

बक्सों से उपचार करते समय आगे दी जिन उपचार-पद्धतियों से शरीर के कुंडलिनीचक्र, विकारग्रस्त अवयव अथवा नवद्वारों पर उपचार करने के लिए बताया हो, वहां इन तीन स्थानों में से प्रधानता से कुंडलिनीचक्रों पर बक्सों से उपचार करें ।

बक्सों से प्रत्यक्ष सोते समय उपचार करने की विविध पद्धतियां

रात में अनिष्ट शक्तियां अधिक कष्ट देती हैं । इसलिए विकारग्रस्त व्यक्ति के लिए दिन के साथ-साथ रात में सोते समय भी बक्सों से उपचार करना आवश्यक होता है । विकाररहित व्यक्ति भी रात में सोते समय अपने लिए सुरक्षा-कवच बनाने हेतु बक्सों का उपयोग करेंगे, तो अच्छा रहेगा ।

हिन्दुत्वनिष्ठों के अभियोगों की सुनवाई को जानबूझकर लंबित रखनेवाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही हो ! – परेश गुजराथी, सनातन संस्था

शबरीमला मंदिर की धर्मपरंपराओं की रक्षा हेतु केंद्र सरकार संसद में कानून बनाए, आंदोनकारी भक्तों के विरुद्ध प्रविष्ट अपराध तुरंत वापस लिए जाएं तथा अन्य भी कुछ मांगों को लेकर हिन्दुत्वनिष्ठो ने राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन के माध्यम से यहां के जयस्तंभ के पास प्रदर्शन किया ।

‘घरेलु औषधि’ सेवन की पद्धतियां !

विशेषज्ञ वैद्य ही ऐसी चिकित्सा कर सकते हैं । विशेषज्ञ वैद्य के अभाव में न्यूनतम रोगी को आराम मिले, इसके लिए परंपरागत घरैलु औषधियों की बहुत अच्छी सुविधा उपलब्ध की गई है ।