हिन्दू राष्ट्र की स्थापना की वैचारिक लडाई में प्रसिद्धि का अनमोल योगदान है ! – चेतन राजहंस, राष्ट्रीय प्रवक्ता, सनातन संस्था

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना की वैचारिक लडाई में प्रसिद्धि का योगदान महत्त्वपूर्ण है । यह योगदान देते हुए साधना के स्तर पर भी प्रयत्न करने आवश्यक हैं ।

दत्त जयंती के निमित्त मध्यप्रदेश में सनातन संस्था की ओर से प्रदर्शनी और ग्रंथ विक्रयकेंद्र का आयोजन !

दत्तजयंती के निमित्त बांगर के श्री दत्त पादुका मंदिर; वैशालीनगर, इंदौर के केशवानंद आश्रम ट्रस्ट के दत्त मंदिर और भोपाल के दत्तमंदिर में सनातन संस्था द्वारा प्रकाशित विविध विषयों के अनमोल ग्रंथों और सात्त्विक पूजासामग्री का वितरण कक्ष लगाकर अध्यात्मप्रचार किया गया ।

उज्जैन में सनातन संस्था की ओर से ‘साधना शिविर’ संपन्न !

विविध समस्याओ के कारण व्यक्ति तनावग्रस्त जीवन व्यतीत करता है । ऐसे में कालानुसार उचित साधना कर व्यक्ति आनंदप्राप्ति कर सकता है ।

विश्‍व का सबसे बडा धार्मिक मेला : कुम्भ मेला

कुम्भ मेला एक प्रकार का धार्मिक मेला है । करोडों हिन्दुओं के जनसमूह की उपस्थिति में संपन्न होनेवाला कुम्भ क्षेत्र का मेला विश्व का सबसे बडा धार्मिक मेला है । कुम्भ मेले में सभी पंथों तथा संप्रदायों के साधु-संत, सत्पुरुष तथा सिद्धपुरुष लाखों की संख्या में एकत्र आते हैं ।

यवतमाळ में राष्ट्रीय हिन्दु आंदोलनाद्वारा हिन्दुत्वनिष्ठओंका ‘सनबर्न फेस्टिव्हल’ को विरोध

२८ दिसंबर को यहां के दत्त चौकपर विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों की ओर से राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन किया गया ।

कुंभमेले में विद्यमान कुछ परंपराएं तथा उनका इतिहास !

कुंभपर्व के समय आयोजित धार्मिक सम्मेलन में शस्त्र धारण करने के विषय में निर्णय होकर एकत्रित होने के अखंड आवाहन किया गया ।

युवकों को नशे के अंधकार में ढकेलनेवाले सनबर्न फेस्टिवल का विरोध !

राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन के माध्यम से पाश्‍चात्य भोगवाद को बल प्रदान करनेवाले, हिन्दू संस्कृति के लिए घातक तथा युवक-युवतियों को नशे के अंधकार में ढकेलनेवाले सनबर्न फेस्टिवल का तथा हिन्दुत्वनिष्ठों को झूठे आरोपों में फंसाने के षड्यंत्र का विरोध किया गया ।

२५ दिसंबर २०१८ से २ जनवरी २०१९ की कालावधि में पटाखे जलानेपर प्रतिबंध लगाने की मांग !

सनातन संस्था तथा उसके साधक विगत २ दशकों से भी अधिक समय से निस्वार्थभाव से हिन्दू धर्म एवं संस्कृति का प्रसार कर अध्यात्म, साधना, संस्कृति तथा राष्ट्र के विषय में जागृति ला रहे हैं ।

समष्टि कल्याण हेतु लाखों कि.मी. की दैवीय यात्रा करनेवाली सद्गुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी !

सद्गुुरु (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी ने विगत ७ वर्षों में भारत के २९ राज्यों में से २४ राज्य तथा ७ केंद्रशासित प्रदेशों में से ४ प्रदेशों की यात्रा की हैं ।