सनातन संस्था द्वारा किया जा रहा अध्यात्मप्रसार का कार्य प्रशंसनीय ! – राकेशगिरीजी महाराज, मध्य प्रदेश
३० दिसंबर की सायंकाल को जब प्रदर्शनी मंडप के निर्माण कार्य की सेवा चल रही थी, तब वहां भगवे वस्त्र पहने २ संतों का आगमन हुआ ।
३० दिसंबर की सायंकाल को जब प्रदर्शनी मंडप के निर्माण कार्य की सेवा चल रही थी, तब वहां भगवे वस्त्र पहने २ संतों का आगमन हुआ ।
उत्तर भारत के अनेक संत-कवियों ने भगवान् श्रीकृष्ण और राधा के विषय में श्रृंगाररसपूर्ण काव्यरचनाएं की हैं ।
प्राचीन काल में नगरों के नाम वहां के ग्रामदेवता, पराक्रमी राजा इत्यादि के नामों पर आधारित होते थे । इसलिए नगरों के नाम सात्त्विक होते थे ।
विश्व में कहीं भी उपलब्ध नहीं ऐसी अनमोल ग्रंथ संपदा । प्रयागराज कुंभ मेले में हिन्दू जनजागृति समिति तथा सनातन संस्था की भव्य प्रदर्शनियां !
हिन्दू राष्ट्र की स्थापना की वैचारिक लडाई में प्रसिद्धि का योगदान महत्त्वपूर्ण है । यह योगदान देते हुए साधना के स्तर पर भी प्रयत्न करने आवश्यक हैं ।
दत्तजयंती के निमित्त बांगर के श्री दत्त पादुका मंदिर; वैशालीनगर, इंदौर के केशवानंद आश्रम ट्रस्ट के दत्त मंदिर और भोपाल के दत्तमंदिर में सनातन संस्था द्वारा प्रकाशित विविध विषयों के अनमोल ग्रंथों और सात्त्विक पूजासामग्री का वितरण कक्ष लगाकर अध्यात्मप्रचार किया गया ।
विविध समस्याओ के कारण व्यक्ति तनावग्रस्त जीवन व्यतीत करता है । ऐसे में कालानुसार उचित साधना कर व्यक्ति आनंदप्राप्ति कर सकता है ।
ग्लोबल चैटिंग में सनातन संस्था की ओर से गीता जयंती के अवसरपर प्रवचन का आयोजन किया ।
कुम्भ मेला एक प्रकार का धार्मिक मेला है । करोडों हिन्दुओं के जनसमूह की उपस्थिति में संपन्न होनेवाला कुम्भ क्षेत्र का मेला विश्व का सबसे बडा धार्मिक मेला है । कुम्भ मेले में सभी पंथों तथा संप्रदायों के साधु-संत, सत्पुरुष तथा सिद्धपुरुष लाखों की संख्या में एकत्र आते हैं ।
२८ दिसंबर को यहां के दत्त चौकपर विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों की ओर से राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन किया गया ।