‘फास्ट फूड’ और जंक फूड
बर्गर, पिज्जा, वेफर्स, चिप्स और अन्य ‘फास्ट फूड’ लोकप्रिय हैं । ‘फास्ट फूड’ बाह्यतः स्वाद में चटपटे लगते हैं, परंतु वे तमोगुणी होते हैं । उनके शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक दुष्परिणाम होते हैं ।
बर्गर, पिज्जा, वेफर्स, चिप्स और अन्य ‘फास्ट फूड’ लोकप्रिय हैं । ‘फास्ट फूड’ बाह्यतः स्वाद में चटपटे लगते हैं, परंतु वे तमोगुणी होते हैं । उनके शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक दुष्परिणाम होते हैं ।
हमारी संस्कृति में जिसका कोई स्थान नहीं, ऐसी चॉकलेट अनेक रोगों विशेषतः दांतों के अनेक रोगों की खान है । उसमें प्रयुक्त सैक्रीन का शरीर पर उससे भी अधिक भयंकर परिणाम होता है ! ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ने भी ‘सैक्रीन’को स्वास्थ्य के लिए, हानिकारक और घातक बताया है ।
वातावरण में अच्छी और अनिष्ट दोनों प्रकार की शक्तियां कार्यरत होती हैं । कोई भी शुभकार्य करते समय अच्छी और अनिष्ट इन दोनों शक्तियों का संघर्ष होता है ।
समाचारपत्रों के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय अन्वेषण विभागद्वारा सनातन संस्था के अधिवक्ता श्री. संजीव पुनाळेकर को जिस आधार पर गिरफ्तार किया गया है, वह कारण अत्यंत हास्यास्पद है
डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्या प्रकरण में सनातन के विधिजन्य सलाहकार, साथ ही हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता श्री. संजीव पुनाळेकर को सीबीआईद्वारा गिरफ्तार किय गया है, उसकी हम निंदा करते हैं !
अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में १ जून को कोलकाता (बंगाल) की शास्त्र धर्म प्रचार सभा के ‘ट्रुथ’ पाक्षिक के संपादक तथा हिन्दू धर्म के व्यापक अभ्यासी डॉ. शिबनारायण सेन के संतपद पर विराजमान होने का, तो तेजपुर (असम) की श्रीमती राणू बोरा तथा हावडा (बंगाल) के श्री. अनिर्बान नियोगी द्वारा ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त किए जाने की घोषणा की गई ।
वाहन के अनुचित और कष्टदायक स्पंदन (वाइब्रेशन्स) दूर कर, उसमें अच्छे स्पंदन उत्पन्न करने की क्रिया को शुद्धि करना कहते हैं ।
वास्तु (घर) के अनुचित और कष्टदायक स्पंदन (वाइब्रेशन्स) दूर कर, उसमें अच्छे स्पंदन उत्पन्न करने की क्रिया को शुद्धि करना कहते हैं ।
२७ मई से ८ जून २०१९ की अवधि में विद्याधिराज सभागार, रामनाथी, गोवा में अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का आयोजन किया गया है ।
श्रीरामचंद्र कृपाल भजु मन हरण भव भय दारुणम् ।
नवकंजलोचन,कंजमुख,कर-कंज,पद-कंजारुणम्।।१।। श्रीराम-श्रीराम….