सामाजिक एकता का प्रतीक एवं राष्ट्ररक्षा, धर्मजागृति के कार्य का ऊर्जास्रोत हैं सनातन आश्रम !
ईश्वरप्राप्ति का सर्वोच्च ध्येय पाने के लिए अहं मिटाने हेतु प्रत्येक साधक प्रयत्नरत रहता है । किसी के मन में जाति-पाति, ऊंच-नीच आदि का विचार भी नहीं आता ।
ईश्वरप्राप्ति का सर्वोच्च ध्येय पाने के लिए अहं मिटाने हेतु प्रत्येक साधक प्रयत्नरत रहता है । किसी के मन में जाति-पाति, ऊंच-नीच आदि का विचार भी नहीं आता ।
पूजा के लिए डलिया में रखे फूलों की रचना सात्त्विक पद्धति से करने पर उससे भक्तिभाव के स्पंदन निर्मित होते हैं और पूजा भावपूर्ण होती है । माथे पर तिलक लगाने से आचारधर्म का पालन होता है ।
29 मई को श्री रामनाथ देवस्थान स्थित श्री विद्याधिराज सभागार में ‘अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ का उद्घाटन समारोह भावपूर्ण वातावरण में हुआ । 29 मई से 4 जून की अवधि तक चलनेवाले इस 7-दिवसीय अधिवेशन के प्रथम दिवस पर भारत और बांग्लादेश से अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के 240 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे ।
२७ मई को हुए अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के अंतर्गत उद्योगपति परिषद की ओर से प्रथम उद्योगपति अधिवेशन के तीसरे सत्र में उद्योगपतियों ने जो विचार व्यक्त किए, वह यहां दे रहे हैं ।
अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के द्वितीय सत्र में हिन्दू जनजागृति समिति के पूर्वी एवं उत्तर पूर्वी भारत मार्गदर्शक पू. नीलेश सिंगबाळजी ने ‘आनंदमय जीवन के लिए साधना’ इस विषय पर अधिवक्ताओं का मार्गदर्शन किया । तदुपरांत अधिवक्ताओं के साधना आरंभ करने पर उन्हें हुए अनुभव बताए ।
शांत एवं विनम्र स्वभाववाले, प्रामाणिक वृत्ति के और अन्याय के विरुद्ध लडने की लगन रखनेवाले बेंगळूरु (कर्नाटक) के अधिवक्ता विजयशेखर ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त कर, जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हुए ।नातन संस्था के कर्नाटक राज्य धर्मप्रसारक पू. रमानंद गौडा के शुभहस्तों श्रीकृष्ण की प्रतिमा भेंट देकर उनका सत्कार किया गया ।
आश्रम में आनेपर थकान दूर होकर बहुत उत्साह प्रतीत होता है । यहां मुझे परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के कृपाशिर्वाद के तरंग प्रतीत होकर ऐसा लगा कि मुझे यहां आकर साधना और सेवा करनी है ।
अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में सहभागी अधिवक्ता तथा हिन्दुत्वनिष्ठों ने रामनाथी, गोवा के सनातन के आश्रम का अवलोकन कर यहां चल रहे कार्य का परिचय करवा लिया ।
विविध कलाआें की ओर देखने का सनातन का दृष्टिकोण – केवल कला के लिए कला नहीं, ईश्वरप्राप्ति के लिए कला है । इसलिए, सनातन संस्था कला के माध्यम से भी ईश्वर को प्राप्त करना सिखाती है ।
डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्या प्रकरण में सीबीआई ने हिन्दू विधिज्ञ परिषद के सचिव अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर और परिषद के सूचना अधिकार कार्यकर्ता श्री. विक्रम भावे को बंदी बनाया है । यह निंदनीय है ।